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1
वास्तुशास्त्रे जलतत्त्वानुशीलनम
हेमचन्द (Volume - 19)
09-11
Sanskrit
2
‘‘वास्तुशास्त्रे यज्ञकुण्डविधिः’’
हेमचन्द (Volume - 19)
06-08
Sanskrit
3
संस्कृत वाड्मय में निहित लौकिक न्याय तथा वर्तमान प्रासङ्गिकता
Dr.Chanchal Kumari (Volume - 17)
55-56
Sanskrit
4
शाङ्करदर्शनस्य परिशीलनं प्रासङ्गिकता च
Shiben Maji (Volume - 18)
33-37
Sanskrit
5
रसालङ्कार की अवधारणा और भोज
डाॅ. ममता गुप्ता (Volume - 1)
30-33
Sanskrit
6
कायिक चेष्टाओं द्वारा भावों का सम्प्रेषण
डाॅ. कमलनयन शुक्ल (Volume - 1)
34-39
Sanskrit
7
मनुस्मृति में निरूपित नारियों की आर्थिक स्थिति:स्त्रीधन के विशेष संदर्भ में
डाॅ. रविश तमन्ना ताजिर (Volume - 1)
40-41
Sanskrit
8
प्राचीन भारतीय अर्थव्यवस्था में नारी का योगदान
डाॅ. रविश तमन्ना ताजिर (Volume - 1)
42-43
Sanskrit
9
जैनदर्शने कर्म सिद्धान्तस्य सामान्यपरिचयः
डॉ. कुलदीपकुमार (Volume - 2)
04-06
Sanskrit
10
कविकुलगुरूकालिदास के नाटकों में ललितकला निर्देशन
डॉ. आशा अंबोरे (Volume - 2)
07-10
Sanskrit
11
वर्तमानपरिप्रेक्ष्ये अणुव्रतानामुपयोगिता
जोगिन्द्रकुमार (Volume - 2)
11-12
Sanskrit
12
भारतीयदर्शनेषु जैनदर्शनस्य परिचयः
जोगिन्द्रकुमार (Volume - 2)
13-15
Sanskrit
13
बालरामायण में प्रतिबिम्बित आचार्य राजशेखर के काव्यशात्रीय सिद्धांत
डॅा. ममता गुप्ता (Volume - 3)
01-04
Sanskrit
14
संस्कृत व्याकरण की महत्ता उसकी उत्पत्ति बीज, एवं वर्तमान में उसका विकासात्मकस्वरूप
वेदानन्द (Volume - 3)
16-18
Sanskrit
15
वर्तमान समय में नैतिक मूल्यों की आवश्यकता
जोगिन्द्र सिंह (Volume - 3)
19-20
Sanskrit
16
आचार्य शङ्कर कृत ब्रह्मसूत्र-अध्यासभाष्य : एक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण
डॉ० किपल गौत्तम (Volume - 3)
25-32
Sanskrit
17
भारतीय दर्शन में शब्द का स्वरूप और शक्ति ग्रह
डॅा. सरोज गुप्ता (Volume - 3)
33-35
Sanskrit
18
उच्च शिक्षा में संस्कृत भाषा का महत्त्व
डॅा. सरोज गुप्ता (Volume - 3)
36-38
Sanskrit
19
उपमा का स्वरूप एवं ऋग्वेद में वर्णित उपमानभूत प्रमुख पशुओं का वैशिष्ट्य़
दुर्गा उपाध्याय ,पो. पुष्पा अवस्थी (Volume - 3)
39-42
Sanskrit
20
अथर्ववेदीय समाज में निरूपित आचार दर्शन की समीक्षा
हुमरा सुल्ताना (Volume - 3)
50-52
Sanskrit
21
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की सौन्दर्य चेतना
डॉ. आदित्य आंगिरस (Volume - 4)
08-09
Sanskrit
22
रघुवंशमहाकाव्यमनुसृत्य वृद्धोपगमने संस्कारवतः फलम्
Dr. G. Sireesha (Volume - 4)
10-11
Sanskrit
23
महाकिव कालिदास का सौन्दर्य प्रेम
डॉ. अरिविन्द कुमार (Volume - 4)
12-14
Sanskrit
24
महाकिव कालिदास का सौन्दर्य प्रेममृच्छकटिकम् के नायक का नाट्यशास्त्रीय अध्ययन
शुभांगी आनंदराव गायकवाड (Volume - 4)
15-18
Sanskrit
25
किवरेकः कृती कालिदास एव महीयते
बृजभूषण शर्मा (Volume - 4)
19-21
Sanskrit
26
भगवद्गीतायाम् अलङ्कारपरामर्शः
डा.चक्रवर्तिरङ्गनाथः (Volume - 4)
25-29
Sanskrit
27
न्यायदर्शनम् - एकावलोकनम्
Dr. Saroj Gupta (Volume - 5)
01-03
Sanskrit
28
विशिष्टाद्वैतवेदान्ते प्रमाणविचारः
ममता (Volume - 5)
04-07
Sanskrit
29
संस्कृत - ज्ञान का स्त्रोत
डॉ. सरोज गुप्ता (Volume - 5)
19-21
Sanskrit
30
स्त्री शक्ति रूप में ( देवी भागवत पुराण के संदर्भ में )
डॉ. सरोज गुप्ता (Volume - 5)
22-23
Sanskrit
31
विशिष्टाद्वैतमते जीवात्मस्वरूपम्
ममता (Volume - 5)
24-26
Sanskrit
32
योगदर्शन में ज्ञानमीमांसा
देवनाथ त्रिपाठी (Volume - 5)
43-46
Sanskrit
33
अम्बेडकर एवं सामाजिक न्याय
प्रो. अर्चना दुबे (Volume - 5)
47-48
Sanskrit
34
वेद में भारतीय संस्कृति के तत्त्व
डॉ. हेमवती नन्दन पनेरू (Volume - 5)
49-51
Sanskrit
35
कृषि का वैदिक विज्ञान
डॉ. सुधा गुप्ता (Volume - 5)
52-57
Sanskrit
36
विद्धशालभंजिका का नायिका का शास्त्रीय अध्ययन
रचना तिवारी (Volume - 5)
58-60
Sanskrit
37
राजशेखर की कृतियों में प्रितिबिम्बत लोक संस्कृति
डॉ. ममता गुप्ता (Volume - 5)
61-63
Sanskrit
38
राजशेखर के रूपकों में सामाजिक संदर्भ
रचना तिवारी (Volume - 5)
64-65
Sanskrit
39
वेदों में मणिधारण और उसके लाभ
देवेन्द्र कुमार पाण्डेय (Volume - 5)
66-69
Sanskrit
40
काव्यमीमांसा में सौन्दर्यशास्त्रीय सन्दर्भ
डॉ. ममता गुप्ता (Volume - 5)
70-74
Sanskrit
41
सम्राट् खारवेल एवं उनका राजनीतिक जीवन
सतबीर सिंह (Volume - 6)
5-7
Sanskrit
42
कैयट एवं हरदत्तमिश्र – समास प्रकरण के सन्दर्भ में
मोनिका (Volume - 6)
11-14
Sanskrit
43
प्राकृत साहित्य में वर्णित नारीस्वरूप और भारत सरकार का स्त्री सशक्तिकरण अभियान एवं अन्तर्राष्ट्रीय मिहला दिवस परिप्रेक्ष
अरूणा (Volume - 6)
19-21
Sanskrit
44
मुगल सल्तनत के सबसे चर्चित बादशाह अकबर का जीवन चरित्र
Kavita Dalal , Dr. Suchita Dalal (Volume - 6)
22-26
Sanskrit
45
अष्टांग योग
डॉ.सरोज गुप्ता (Volume - 6)
27-31
Sanskrit
46
व्यपदेशिवद्भावविमर्शः
देवनाथ त्रीपाठी (Volume - 6)
32-33
Sanskrit
47
वाचिक अभिनय में काव्य लक्षण की महत्ता
डॉ. जयप्रकाशनारायणः (Volume - 6)
34-38
Sanskrit
48
काशीखण्डे वाहीकस्य ब्राह्मणस्य कथा
R V Venkata Ramana Simha (Volume - 6)
39-40
Sanskrit
49
पुराणेषु सृष्टिविज्ञानम्
डॉ.मैत्रेयी कुमारी (Volume - 6)
41-46
Sanskrit
50
आगमप्रमाणविचारः
डॉ. के. अनन्तः (Volume - 6)
51-52
Sanskrit
51
गरूडपुराणे- विाद्याव्यवस्था
N.SHASHIDHAR (Volume - 7)
1-3
Sanskrit
52
काशीखण्डे वैश्वानरोपाख्यान प्रयोजनम्
R V Venkata Ramana Simha (Volume - 7)
4-5
Sanskrit
53
सफलोऽयथार्थ:काव्ये
नरसिंह भट्टः , प्रो. वि. गिरीश्चन्द्रः (Volume - 7)
6-9
Sanskrit
54
पर्यावरण और भारतीय संस्कृति का मूलाधार गौ
अभिलाषा सिंह (Volume - 7)
19-21
Sanskrit
55
महाभारत के युद्ध में प्रयुक्त अस्त्र-शस्त्र
चित्रा सोनवानी (Volume - 7)
22-24
Sanskrit
56
पर्यावरण संकट और वैदिक दर्शन
डॉ. ममता गुप्ता (Volume - 7)
28-30
Sanskrit
57
भगवद्गीतायां प्रतिपादितकर्मयोग आधुनिकसामाजिकोपयोगिता
Dr.G.Sireesha (Volume - 7)
31-33
Sanskrit
58
प्राचीन पालि ग्रन्थें मेंउपस्थापित आर्य सत्यों का मूल स्वरूप
वेद वर्द्धन (Volume - 7)
34-37
Sanskrit
59
महाकिव जयदवे की दृष्टि में का स्वरूप
डॉ.आशारानी पाण्डेय (Volume - 7)
38-39
Sanskrit
60
श्रीगीतगोविन्दे आध्यात्मिकता
डा.वीरेन्द्र कुमार षडङ्गी (Volume - 7)
42-44
Sanskrit
61
विशिष्टाद्वैतवेदान्तमतरित्या सृष्टिनिरूपणम्
डॉ. के. अनन्तः (Volume - 7)
47-49
Sanskrit
62
महाभारत में राजधर्म
चित्रा सोनवानी (Volume - 8)
04-06
Sanskrit
63
वैदिक साहित्य में पर्यावरण का महत्त्व
अभिलाषा सिंह (Volume - 8)
07-09
Sanskrit
64
ध्वनि सिद्धान्त में व्यञ्जना का स्वरूप
डॉ. ममता गुप्ता (Volume - 8)
10-14
Sanskrit
65
राजनीतिविज्ञानस्य वेदमूलकत्वम्
डा.निरञ्जनमिश्रः (Volume - 8)
15-16
Sanskrit
66
सांख्यसारे विवेकख्यातिस्वरूपसाधनोपायाश्च
तपनशीलः, डा.डि.ज्योतिः (Volume - 8)
19-21
Sanskrit
67
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शारीरिक दुर्घटना के योग
सौ. सुनिता नारायण जोशी (Volume - 8)
22-25
Sanskrit
68
वैदिक - स्वरविमर्श:
डॉ.निरञ्जनमिश्रः (Volume - 9)
01-04
Sanskrit
69
प्राच्यपाश्चात्त्यसौर्न्दयशास्त्रतत्त्वज्ञानां काव्यलक्षणविवेचनम्
डॉ.श्वेता पद्मा शतपथी (Volume - 8)
30-33
Sanskrit
70
रूपकेषु प्रकरणम्
श्रीमती शुभासिनी (Volume - 8)
34-36
Sanskrit
71
सौन्दर्य की दृष्टि से नवसाहसाकं चरितम् में अलंकार का अनुशीलन
डॉ.आशारानी पाण्डेय (Volume - 8)
39-44
Sanskrit
72
वैदिक शिक्षा पद्धति: एक समीक्षात्मक अध्ययन
डॉ.नीता आर्य (Volume - 8)
47-48
Sanskrit
73
संस्कार: प्रादुर्भाव परिचय एवं प्रासंगिकता
डॉ.नीता आर्य (Volume - 8)
49-51
Sanskrit
74
भविष्य पुराण में वर्णित आचार्य सुश्रुत पर एक अध्ययन
कविता दलाल (Volume - 9)
05-08
Sanskrit
75
व्यक्त्तित्व / चरित्र निर्माण
डॉ.मीरा दुबे (Volume - 9)
14-15
Sanskrit
76
चाणक्य की दृष्टि में नारी
डॉ.सुधा गुप्ता (Volume - 9)
19-21
Sanskrit
77
हठरत्नावली घेरण्डसंहितयोः चिकित्सापद्धति उपायश्च
इ.पि नागलक्ष्मीः (Volume - 9)
26-28
Sanskrit
78
छन्दोनिरूक्तयोः वेदाङ्गत्वनिरूपणम्
डा. के.टि.वि. राघवन् (Volume - 9)
31-33
Sanskrit
79
शान्तिं योगेन विदन्ति
Dr. A.R. Vijayasree (Volume - 9)
34-36
Sanskrit
80
मालती माधव में वैदर्भि रीतिजन्य सौन्दर्य एक विश्लेषण
डॉ.आशारानी पाण्डेय (Volume - 9)
37-42
Sanskrit
81
महाकवि भवभूति विचरित उत्तररामचरित में आदर्श दाम्पत्य प्रेम
डॉ.नीता आर्य (Volume - 9)
48-49
Sanskrit
82
साइबर हिन्दी कविता में पहाड़ की स्त्री:कितनी भीतर कितनी बाहर
डॉ.नीता आर्य (Volume - 9)
50-53
Sanskrit
83
“शुद्धाद्वैतदर्शने जीविवचारः”
रीना (Volume - 10)
04-06
Sanskrit
84
शुक्लयजर्वेद संहिता में अहिंसा का स्वरूप
कृष्ण कुमार , प्रो.आर पी पाठक (Volume - 10)
07-08
Sanskrit
85
वेदाङ्गछन्दसः स्वरूपम्
डा. के.टि.वि. राघवन् (Volume - 10)
18-22
Sanskrit
86
भ्वादिगणीय धातुओं के लिये क्रियापदिसिद्धि तन्त्र का निर्माण
विवेक कुमार , सुभाष चन्द्र (Volume - 10)
23-28
Sanskrit
87
सौन्दरनन्दम् - आध्यात्मिकता
Dr. A.R. Vijayasree (Volume - 10)
29-31
Sanskrit
88
राम के सामाजिक जीवन की वर्तमान में प्रासंगिकता
डॉ.आशारानी पाण्डेय (Volume - 10)
32-34
Sanskrit
89
ईश्वर प्रणिधानस्य वैशिष्टयम्
ज्योति भारती (Volume - 10)
37-38
Sanskrit
90
यज्ञीय हव्यसामग्री का रोग निवारण में योगदान
डॉ.आशारानी पाण्डेय (Volume - 10)
41-45
Sanskrit
91
‘‘वेदों में मूल्यपरक शिक्षा’’
कृष्ण कुमार , प्रो.आर पी पाठक (Volume - 11)
01-03
Sanskrit
92
वैशेषिकदर्शने पदार्थ स्वरूप विमर्शः
अनीता कुमारी (Volume - 11)
04-07
Sanskrit
93
व्यासगौतम मते अन्नप्राशन संस्कारः
तपस्विनी दाश (Volume - 11)
10-12
Sanskrit
94
धर्मशास्त्रे षोडशसंस्कारेषु श्राद्धस्य विचारः
अनिल कुमार दाश (Volume - 11)
16-18
Sanskrit
95
गौतमधर्मसूत्रे राजधर्मः
Madhusudan Sahoo (Volume - 11)
19-21
Sanskrit
96
न्यायदर्शने सिद्धान्ततिवचारः
Jyoti Bharti (Volume - 11)
22-23
Sanskrit
97
वैदिकं कृषिविज्ञानं भारतीयार्थव्यवस्था च
डॉ.आशारानी पाण्डेय (Volume - 11)
30-34
Sanskrit
98
धार्मिक प्रतीक चिन्हों में विज्ञान
डॉ.आशारानी पाण्डेय (Volume - 11)
44-47
Sanskrit
99
सम्राजः अशोकस्य जीवनं तथा राज्यविस्तारस्य विश्लेषणम्
सतबीर सिंह (Volume - 11)
48-50
Sanskrit
100
चिकित्साशास्त्रस्य प्रादुर्भावः विकासश्च
डा. वीरेन्द्र कुमार षडङ्गी (Volume - 11)
51-54
Sanskrit
101
आचार्य सायण कृत पुरुषार्थ सुधानिधि में निहित सामाजिक मूल्य
डॉ. रूचि अग्रवाल (Volume - 11)
55-57
Sanskrit
102
इक्षुगन्ध-राघह्न्डा-चित्रपर्णी परिप्रेक्ष्ये अभिराजराजेन्द्रमिश्रस्य गद्यसाहित्ये जीवनसन्देशः
कृष्णानन्द सती (Volume - 12)
01-02
Sanskrit
103
वैशेषिक दर्शन एवं जैन दर्शन सम्मत परमाणुवाद में वैषम्य
सपना जैन (Volume - 12)
03-06
Sanskrit
104
वैदिक दर्शन के परिप्रेक्ष्य में परमाणुवाद
सपना जैन (Volume - 12)
07-09
Sanskrit
105
रामावतार तथा रामायण तुलनात्मक अनुवाद
डॉ. भूपिंदर कौर (Volume - 12)
19-22
Sanskrit
106
संस्कृतकाव्यशास्त्रम् : भारतीय - काव्यशास्त्राय आदर्शकाव्यशास्त्रम्
ओमप्रकाश (Volume - 12)
23-26
Sanskrit
107
राष्ट्रिय चारित्र्य निर्माण में नेताजी सुभाषचंद्रपरक संस्कृत काव्यों की उपयोगिता तथा परिचय
डॉ. शुचिता दलाल (Volume - 12)
27-30
Sanskrit
108
धर्मशास्त्रोसाहित्ये पण्डित कुलमणिमिश्राणां योगदानम्
नवकिशोर पण्डा (Volume - 12)
31-32
Sanskrit
109
मानवकृत अंगचेष्टाविमर्शः
ओमप्रकाश (Volume - 12)
33-36
Sanskrit
110
संस्कृतवाङ्मये वर्णित योगशास्त्रस्य उपयोगिता
ओमप्रकाशः (Volume - 12)
39-40
Sanskrit
111
वैशेषिकदर्शनोक्त धर्म की वैश्विक शान्ति में प्रासंगिकता
Bhairu Singh Meena (Volume - 12)
47-48
Sanskrit
112
स्मृतियों में परिगणित कामज व्यसन
डॉ मीना गुप्ता (Volume - 12)
49-51
Sanskrit
113
वैदिक शिक्षा एवं उसकी प्रासंङ्गिकता
डॉ.सन्दीप कुमार गुप्त (Volume - 12)
52-54
Sanskrit
114
ब्रह्म जिज्ञासा का पूर्व वृत्त-‘साधन चतुष्टय’
डॉ. प्रदीप कुमार दीक्षित (Volume - 12)
55-57
Sanskrit
115
महाकवि राजशेखर कृत - बाल रामायण में सौन्दर्य बोध
डॉ.आशारानी पाण्डेय (Volume - 12)
58-63
Sanskrit
116
भारतीय संस्कृति में दान
डॉ अशोक कुमार दुबे (Volume - 12)
64-66
Sanskrit
117
महाकवि कालिदास के रघुवंश में इतिहास परम्परा
डॉ. अशोक कुमार दुबे (Volume - 12)
67-68
Sanskrit
118
विशिष्टाद्वैतवेदान्तदर्शनस्य परिचयः
शालू शर्मा (Volume - 12)
74-76
Sanskrit
119
प्राचीन भारत में उच्च शिक्षा का स्वरुप
डॉ. सुधा गुप्ता (Volume - 12)
77-78
Sanskrit
120
आयुर्वेदशास्त्रं संस्कृतं राष्ट्रं च।
डा.सी.एन. विजयकुमारी (Volume - 12)
79-80
Sanskrit
121
वन्दे वाल्मीकिकोकिलम्
डा.सी.एन. विजयकुमारी (Volume - 12)
81-82
Sanskrit
122
भारते आयुर्वेदशास्त्रम्
Dr. K. Unnikrishnan (Volume - 12)
83-85
Sanskrit
123
श्रीकृष्ण जोशी महोदयानां साहित्यिकावदानम्
रेनू वत्स (Volume - 12)
86-88
Sanskrit
124
जैनदर्शने स्याद्वादः
रवि (Volume - 12)
89-91
Sanskrit
125
वेदों में समानता का अधिकार
अनिल कुमार दाश (Volume - 13)
01-05
Sanskrit
126
भर्तृहरि द्वारा प्रतिपादित वृत्ति में अभेदैकत्व सङ्ख्या विचार
आनन्द (Volume - 13)
06-09
Sanskrit
127
जैनदर्शने अनेकान्तवाद:
रवि (Volume - 13)
16-18
Sanskrit
128
जैनदर्शने मोक्षप्रमेयविमर्शः
डॉ. कुलदीपकुमारः (Volume - 13)
19-22
Sanskrit
129
महाभारते राजनैतिकतत्वानां विमर्शः
सुनील बरमोला (Volume - 13)
23-24
Sanskrit
130
सतत् विकास के लिए शिक्षा का महत्त्व एवं चुनौतियाँ
सूरज कुडियाल (Volume - 13)
25-27
Sanskrit
131
षोड्शसंस्काराणां महत्तवम्
नीरू (Volume - 13)
28-29
Sanskrit
132
‘‘वैदिक - पर्यावरणेमानवजीवनम्’’
डॉ. प्रदीप कुमार दीक्षित (Volume - 13)
32-34
Sanskrit
133
वाल्मीकि और तुलसी की कौशल्या
डॉ. अशोक कुमार दुबे (Volume - 13)
35-37
Sanskrit
134
भास के रामायणमूलक नाटक की कथावस्तु: एक अनुशीलन
उपमा (Volume - 13)
38-42
Sanskrit
135
पुराणों में मातृत्त्व
डॉ. अशोक कुमार दुबे (Volume - 13)
43-44
Sanskrit
136
सांख्यदर्शन में मोक्ष का स्वरूप
नीरू (Volume - 13)
45-46
Sanskrit
137
अथर्ववेद में राष्ट्रीयता
डॉ.राजकुमारी (Volume - 13)
47-50
Sanskrit
138
नियमसारग्रन्थे परमार्थप्रतिक्रमणस्वरुपम्
विवेक कुमार जैन: (Volume - 13)
51-54
Sanskrit
139
शिक्षा की सार्थकता में पूरक योग
डा. करुणा (Volume - 13)
55-57
Sanskrit
140
अष्टाध्यायी में विभक्ति विपरिणाम: एक अध्ययन
ललित कुमार (Volume - 13)
61-63
Sanskrit
141
वेदों में राष्ट्रिय भावना
डॉ. नवल किशोर उपाध्याय (Volume - 13)
64-67
Sanskrit
142
संस्कृत लघु कथाओं में आधुनिक विषय
डॉ. सुरचना त्रिवेदी (Volume - 13)
68-71
Sanskrit
143
करण कारक में साधकतमत्व का प्रयोजन
डॉ. नवल किशोर उपाध्याय (Volume - 13)
72-75
Sanskrit
144
स्मृतियों में वर्णित दाय भाग
डॉ. सुषमा जोशी (Volume - 13)
76-78
Sanskrit
145
योगरहस्ये निद्राभवस्य लक्षणानि –चिकित्सा च
R. lakshminarayana (Volume - 13)
79-80
Sanskrit
146
विद्यावतां भागवते परीक्षा (श्रीमद्भागवते विद्यातत्त्वविमर्शः)
नीरज नौटियाल (Volume - 14)
03-06
Sanskrit
147
परमपरागत एवं आधुनिक छात्रध्यापकों के सृजनात्मक चिन्तन का सामाजिक परिपक्वता के सन्दर्भ में तुलनात्मक अध्ययन
डॉ. अमिता पाण्डेय भारद्वाज , अनूप बलूनी (Volume - 14)
07-11
Sanskrit
148
उपनिषदां परिचयः
रजनी (Volume - 14)
12-14
Sanskrit
149
वनस्पतेः कृते भूमिचयनविचारः
सुदर्शन दत्तः (Volume - 14)
20-22
Sanskrit
150
न्यायवैशेषिकयोः आत्मप्रमेयम्
नवीन कुमार (Volume - 14)
23-24
Sanskrit
151
“सुखदुःखात्मको रस:,एक संक्षिप्त विवेचना’’
दयानन्द पटेल (Volume - 14)
25-26
Sanskrit
152
जातकस्य जीवने वक्रीग्रहस्य फलम्
संजीवकुमारः (Volume - 14)
32-34
Sanskrit
153
जातकस्य जीवने वक्रीग्रहस्य प्रभावः
संजीवकुमारः (Volume - 14)
35-37
Sanskrit
154
महाभारत युद्ध में द्रोण का महत्व
कु. पूनम (Volume - 14)
38-39
Sanskrit
155
भारतीयतत्त्वचिंतने प्रस्थानत्रयस्य प्रामाण्यव्यवस्थापनम्
आशीष यादव (Volume - 14)
40-44
Sanskrit
156
सूर्यादिवासरेषु ग्रहणाधारेण अर्घविचारः
कपिल देव (Volume - 14)
45-46
Sanskrit
157
संस्कृत लघुकाव्य - “नवेक्षिका’’ में सामाजिक परिदृश्य-एक विवेचन
प्रो. जया तिवारी (Volume - 14)
47-50
Sanskrit
158
ज्योतिषशास्त्रे सस्यवनस्पतीनां वर्णनम्
सुदर्शन दत्तः (Volume - 14)
51-52
Sanskrit
159
सन्देश काव्य का उदय तथा अभ्युदय
डॉ.नीता आर्य (Volume - 14)
53-54
Sanskrit
160
आधुनिकहिन्दुविधेः दत्तकग्रहणनियमाः
Saroj kumar kar (Volume - 14)
55-57
Sanskrit
161
आधुनिकहिन्दुविधेः हिन्दूत्तराधिकारविधिः
Saroj kumar kar (Volume - 14)
60-62
Sanskrit
162
श्रीकाण्ठदर्शनस्य मौलिकत्वम
अनीता कुमारी (Volume - 14)
71-72
Sanskrit
163
व्यञ्जनायाः स्वरूपम्
डॉ. के. अनन्तः (Volume - 14)
76-78
Sanskrit
164
वैदिकदेवः सूर्यः
डा.निरञ्जनमिश्रः (Volume - 15)
01-02
Sanskrit
165
नियमसारग्रन्थे परमालोचना स्वरुपम्
विवेक कुमार जैन: (Volume - 15)
05-07
Sanskrit
166
भागीरथीदर्शनमहाकाव्ये भक्तिरसः
रञ्जनरथः (Volume - 15)
10-12
Sanskrit
167
धनवृत्तकाव्ये रसविमर्श:
के.शिवज्योतिर्मयी (Volume - 15)
16-17
Sanskrit
168
उपनिषदानुसारेण आत्मानात्मनोः स्वरूपविचारः
Monotosh Sarkar (Volume - 15)
18-19
Sanskrit
169
कल्हणस्य राजतरङ्गिण्याः चित्रिता भारतीयसंस्कृतिः
Rahuldeb Halder (Volume - 15)
20-22
Sanskrit
170
A BRIEF STUDY OF DASARUPAKA OF VISWANATHA
DR. LEENA CHANDRA K (Volume - 15)
23-25
Sanskrit
171
मोक्षविचारे साहित्यवेदान्तयोः समन्वयः
माचाभक्तुनि रेवती सुप्रजा (Volume - 15)
26-27
Sanskrit
172
संस्कृतस्य व्यावहारिकता प्राचीन भारते
डा. के. उण्णिक्कृष्णन् (Volume - 15)
30-32
Sanskrit
173
वैदिकी दण्डनीतिः
जी.सुमेधा (Volume - 15)
33-34
Sanskrit
174
थाईदेशस्य इतिहासपर्यालोचनम्‌
सौम्य रञ्जन महापात्र (Volume - 15)
35-37
Sanskrit
175
“कृष्णोदयमहाकाव्ये अलंकारविधानम्”
मोनिषा खरया (Volume - 15)
38-39
Sanskrit
176
इन्दिराजीवनमहाकाव्ये इन्दिराचरित्रम्‌ एकमध्ययनम्‌
रञ्जनरथः (Volume - 15)
40-41
Sanskrit
177
तैत्तिरीयसंहितायाः मीमांसोपयोगित्वम्‌
शम्भुनाथमण्डलः (Volume - 15)
42-45
Sanskrit
178
विवाहनिर्णयकाले अष्टकूटविमर्शः
हंसराज (Volume - 15)
46-49
Sanskrit
179
शब्दस्य नित्यत्वानित्यत्वविचारः
डॉ. के. अनन्तः (Volume - 15)
50-51
Sanskrit
180
तात्पर्यवृत्तिः एका समीक्षा
सोमनाथ् सेनापति (Volume - 15)
52-53
Sanskrit
181
व्याकरणशास्त्र में समास, समासभेद, एवं समासदर्शन
देवनाथ त्रिपाठी (Volume - 15)
54-57
Sanskrit
182
महाभारते कर्णः
देवाशिष् अग्रवाला (Volume - 15)
58-60
Sanskrit
183
”हनुमन्नाटक का बिम्ब विधान की दृष्टि से परिशीलन“
डॉ.आशारानी पाण्डेय (Volume - 15)
61-63
Sanskrit
184
किशोरचन्द्रमहापात्रकृतिषु दायभागसमीक्षाग्रन्थदिशा स्त्रीधनविचारः
रीताञ्जलिपुहाणः (Volume - 15)
64-65
Sanskrit
185
ज्योतिषशास्त्रे यन्त्रणामुपयोगः
राजेन्द्रः (Volume - 15)
66-68
Sanskrit
186
ज्यौतिषशास्त्रे कासरोगविचारः
विनय कुमार (Volume - 15)
69-71
Sanskrit
187
आचार्य सायण कृत पुरुषार्थ सुधानिधि में निहित नीति वचनों का आधुनिक परिवेश में महत्व
डॉ. रुचि अग्रवाल (Volume - 15)
72-74
Sanskrit
188
संस्कृतसाहित्ये अभिज्ञानशाकुन्तलस्य स्थानम्
माचर्ल उमामहेश्वर रावु (Volume - 15)
75-76
Sanskrit
189
‘‘काव्यग्रंथेषु चमत्कारः’’
बि. गिरिधर (Volume - 16)
01-02
Sanskrit
190
आयुर्वेदे योगतत्वम्
ज्योति (Volume - 16)
03-04
Sanskrit
191
ज्यौतिषशास्त्रे क्षयरोगविचारः
विनय कुमार (Volume - 16)
05-07
Sanskrit
192
ज्योतिषशास्त्रे श्वासरोग विचारः
विनय कुमार (Volume - 16)
08-10
Sanskrit
193
श्रीमद्भगवद्गीता में लोक कल्याण की भावना
डॉ.प्रत्यूष वत्सला द्विवेदी (Volume - 16)
11-12
Sanskrit
194
वामनचरितमहाकाव्ये सामाजिकचेतना
डा.वीरेन्द्र कुमार षडङ्गी (Volume - 16)
13-15
Sanskrit
195
बृहत्त्रय्यां मनोरञ्जनप्रकाराः
AMARANATH. K (Volume - 16)
16-19
Sanskrit
196
काव्यप्रयोजनों की वर्तमानकाल उपादेयता एवं प्रासङ्गिता
Shambu Ram (Volume - 16)
20-22
Sanskrit
197
श्रुतीनामनादित्वनित्यत्वादिविचारः
रजनी (Volume - 16)
23-24
Sanskrit
198
प्रो. किशोरचन्द्रमहापात्रस्य कृतिषु आधुनिकहिन्दुविधौ साम्प्रतिकसमाज्यस्योऽपरि प्रभावः
रीताञ्जलिपुहाणः (Volume - 16)
25-26
Sanskrit
199
क्षीरतरङ्गिण्याः चिन्त्यप्रयोगाः
डॉ.बोधकुमारः झाः, दीपमाला आर्या (Volume - 16)
29-31
Sanskrit
200
बृहतज्जातकस्य सुबोधार्थिनीटीकायाः विशिष्ट्यम्
S.P.Priya Sharma (Volume - 16)
32-35
Sanskrit
201
महाभारते कर्णस्य मातृभक्तिः
देवाशिष् अग्रवाला (Volume - 16)
36-37
Sanskrit
202
प्राचीनवेधयन्त्रणां परिचयः
राजेन्द्रः (Volume - 16)
38-39
Sanskrit
203
भवभूति की कृतियों में वैयक्तिक जीवन मूल्य
कीर्ति नागेन्द्र (Volume - 16)
40-43
Sanskrit
204
आचार्यआनन्दवर्धनाभिमत काव्यहेतु
डॉ. ममता गुप्ता (Volume - 16)
44-47
Sanskrit
205
भवभूति की कृतियों में वर्णाश्रम धर्म-व्यवस्था
कीर्ति नागेन्द्र (Volume - 16)
48-51
Sanskrit
206
न्यायदर्शने आत्मनः स्वरूपम्
मोहन लाल शर्मा (Volume - 16)
52-53
Sanskrit
207
आयुर्वेदस्य ऐतिह्यम्
ज्योति (Volume - 17)
01-02
Sanskrit
208
जैनागमेषु स्याद्वादस्य विमर्शः
मोहन लाल शर्मा (Volume - 17)
10-12
Sanskrit
209
आदिपुराणान्तर्गतगुरुशिष्यवैशिष्ट्यम्
वि.जि.के.आचार्युलु.कोगण्टि (Volume - 17)
13-16
Sanskrit
210
जातकशिरोमणिग्रन्थोक्तरविदशाफलविचारः
के.लीलासायिकृष्णशर्मा (Volume - 17)
17-19
Sanskrit
211
भारतवर्षे संस्कृतम् (अतीतवर्तमानभविष्यसन्दर्भे)
Ganesh Kumar (Volume - 17)
20-21
Sanskrit
212
काण्वशतपथब्राह्मणे अग्निहोत्रविचारः
प्रतापचन्द्रशर्मा.वि.एस्. (Volume - 17)
22-24
Sanskrit
213
ज्यौतिषशास्त्रे जातकभङ्गयोगविमर्शः
सुनीलदत्तः (Volume - 17)
25-26
Sanskrit
214
शुक्लयजुर्वेदप्रातिशाख्योक्तं स्थितोपस्थितम्–एकमध्ययनम्
प्रतापचन्द्रशर्मा.वि.एस्. (Volume - 17)
27-29
Sanskrit
215
साम्प्रतिकशिक्षाव्यवस्थायाम् आदर्शवादानुशासनस्य उपादेयता
Shiben Maji (Volume - 17)
30-32
Sanskrit
216
प्रथम सोमनाथ ज्योतिर्लिङ्गः का एक अध्ययन
डॉ.मीरा दुबे (Volume - 17)
36-37
Sanskrit
217
स्मार्त्तयागे मण्डपलक्षणम्
जगन्नाथ रथः (Volume - 17)
38-40
Sanskrit
218
विश्वसाहित्ये पञ्चतन्त्रस्य स्थानम्
K.Y. REVATHI (Volume - 17)
41-42
Sanskrit
219
ज्योतिर्विदकृष्णानन्द प्रणीत पाण्डुलिपि ऋषितर्पणविधिःमें संस्कार
डॉ. हेमवती नन्दन पनेरु (Volume - 17)
45-47
Sanskrit
220
स्मार्त्तयागे ग्रहयागस्य प्रासङ्गिकता
जगन्नाथ रथः (Volume - 18)
01-03
Sanskrit
221
ध्वनिविरोधि प्रस्थानेषु अभिधावृत्तिमातृकायाः वैशिष्ट्यम्
सूर्य पवन् कुमार् हेच् (Volume - 18)
04-06
Sanskrit
222
वसुधैव कुटुम्बकम्
माचर्ल उमामहेश्वर रावु (Volume - 18)
07-08
Sanskrit
223
नेत्रहीन विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्यायें
सुशील कुमार सिंह (Volume - 18)
09-10
Sanskrit
224
भगवद्गीता में भक्ति और ज्ञान का समन्वय
आशा द्विवेदी (Volume - 18)
11-13
Sanskrit
225
20वीं शताब्दी में संस्कृतसाहित्य विकास में डॉ. श्रीनाथ हसूरकर का योगदान
Mrs. Aaryaa Tijare (Volume - 18)
14-16
Sanskrit
226
वेदांत दर्शन में ब्रह्म का निरूपण
Asha Dwivedi (Volume - 17)
48-50
Sanskrit
227
मन्त्रकौमुद्यानुसारं मन्त्राणां दशसंस्काराः
Khem Chand (Volume - 18)
17-18
Sanskrit
228
सत उत्पत्तिर्नासतः
डॉ. गजेन्द्र कुमार नन्दा (Volume - 18)
19-20
Sanskrit
229
रामायणे वास्तुविमर्शः
Dr. K.T.V. Raghavan (Volume - 11)
58-60
Sanskrit
230
वास्तुशास्त्रे ग्रामलक्षणानि
डा. के.टि.वि. राघवन् (Volume - 14)
79-80
Sanskrit
231
पञ्चपाद्युणादिपाठवृत्तिषु शब्दानां यौगिक-योगरूढ-रूढार्थनिरूपणम्
चारुशीला राजन बेलापूरकर (Volume - 18)
21-24
Sanskrit
232
आधुनिक संस्कृत साहित्य के विकास में स्वामी दयानन्द सरस्वती
Mrs. Aaryaa Tijare (Volume - 17)
51-54
Sanskrit
233
ब्रह्मलक्षणसमन्वयः
अयाचित शन्तनु अम्बादासराव (Volume - 19)
01-02
Sanskrit
234
पुराणेषु एकाशीतिपद वास्तुविचारः
सोनू शर्मा (Volume - 19)
03-05
Sanskrit
235
पश्चिमबङ्गराज्ये आधुनिकधारायां संस्कृतशिक्षणे प्रयुज्यमानानां शिक्षणविधीनां मूल्याङ्कनम्
SUKANTA GHOSH (Volume - 18)
27-29
Sanskrit