Volume 15 (November - December , 2017)

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1
वैदिकदेवः सूर्यः
डा.निरञ्जनमिश्रः
01-02
Sanskrit
2
हिन्दी कहानी: विभाजन की पीड़ा
निशा वर्मा
03-04
Hindi
3
नियमसारग्रन्थे परमालोचना स्वरुपम्
विवेक कुमार जैन:
05-07
Sanskrit
4
“कबीर का सार्थक चिन्तन”
मुल्ला आदम अली
08-09
Hindi
5
भागीरथीदर्शनमहाकाव्ये भक्तिरसः
रञ्जनरथः
10-12
Sanskrit
6
‘वो जो खो गया’ में व्यक्त पारिवारिक विघटन
कोशिका शर्मा
13-15
Hindi
7
धनवृत्तकाव्ये रसविमर्श:
के.शिवज्योतिर्मयी
16-17
Sanskrit
8
उपनिषदानुसारेण आत्मानात्मनोः स्वरूपविचारः
Monotosh Sarkar
18-19
Sanskrit
9
कल्हणस्य राजतरङ्गिण्याः चित्रिता भारतीयसंस्कृतिः
Rahuldeb Halder
20-22
Sanskrit
10
A BRIEF STUDY OF DASARUPAKA OF VISWANATHA
DR. LEENA CHANDRA K
23-25
Sanskrit
11
मोक्षविचारे साहित्यवेदान्तयोः समन्वयः
माचाभक्तुनि रेवती सुप्रजा
26-27
Sanskrit
12
SWAMI VIVEKANANDA’S PRACTICAL VEDANTA DARSANA FOR SOCIAL AND CULTURAL RENNOVATION
Dr. K. Unnikrishnan
28-29
English
13
संस्कृतस्य व्यावहारिकता प्राचीन भारते
डा. के. उण्णिक्कृष्णन्
30-32
Sanskrit
14
वैदिकी दण्डनीतिः
जी.सुमेधा
33-34
Sanskrit
15
थाईदेशस्य इतिहासपर्यालोचनम्‌
सौम्य रञ्जन महापात्र
35-37
Sanskrit
16
“कृष्णोदयमहाकाव्ये अलंकारविधानम्”
मोनिषा खरया
38-39
Sanskrit
17
इन्दिराजीवनमहाकाव्ये इन्दिराचरित्रम्‌ एकमध्ययनम्‌
रञ्जनरथः
40-41
Sanskrit
18
तैत्तिरीयसंहितायाः मीमांसोपयोगित्वम्‌
शम्भुनाथमण्डलः
42-45
Sanskrit
19
विवाहनिर्णयकाले अष्टकूटविमर्शः
हंसराज
46-49
Sanskrit
20
शब्दस्य नित्यत्वानित्यत्वविचारः
डॉ. के. अनन्तः
50-51
Sanskrit
21
तात्पर्यवृत्तिः एका समीक्षा
सोमनाथ् सेनापति
52-53
Sanskrit
22
व्याकरणशास्त्र में समास, समासभेद, एवं समासदर्शन
देवनाथ त्रिपाठी
54-57
Sanskrit
23
महाभारते कर्णः
देवाशिष् अग्रवाला
58-60
Sanskrit
24
”हनुमन्नाटक का बिम्ब विधान की दृष्टि से परिशीलन“
डॉ.आशारानी पाण्डेय
61-63
Sanskrit
25
किशोरचन्द्रमहापात्रकृतिषु दायभागसमीक्षाग्रन्थदिशा स्त्रीधनविचारः
रीताञ्जलिपुहाणः
64-65
Sanskrit
26
ज्योतिषशास्त्रे यन्त्रणामुपयोगः
राजेन्द्रः
66-68
Sanskrit
27
ज्यौतिषशास्त्रे कासरोगविचारः
विनय कुमार
69-71
Sanskrit
28
आचार्य सायण कृत पुरुषार्थ सुधानिधि में निहित नीति वचनों का आधुनिक परिवेश में महत्व
डॉ. रुचि अग्रवाल
72-74
Sanskrit
29
संस्कृतसाहित्ये अभिज्ञानशाकुन्तलस्य स्थानम्
माचर्ल उमामहेश्वर रावु
75-76
Sanskrit
30
मुन्डकोपनिषद् में निहित शिक्षण विधियों का वर्तमान समय में प्रासंगिकता
ममता पाण्डेय
77-79
Sanskrit
31
महाभारते व्यक्तित्वजिज्ञासा
Sawant Rajendra Manikrao
80-82
Sanskrit

 

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