| S. No. | Manuscript Title & Author | Page No. | Read Article | Language |
|---|
| 1 | महाकवि भास के नाटकों का नाट्य वैशिष्ट्य डॉ. राजदेव मिश्र |
249-252 | Hindi |
| 2 | महाराष्ट्रीय हिन्दी भाषा – एक वैचारिक संश्लेषण एवं महाराष्ट्र में भावी अनुसंधान की रूपरेखा डॉ. रति सुलेगाव |
244-245 | Hindi |
| 3 | नैतिक शिक्षा तथा व्यवहार डॉ. विष्णुप्रिया जेना |
226-228 | Hindi |
| 4 | राजयक्ष्मा रोग तथा उसका उपचार (चरकसंहिता के संदर्भ में) अपूर्बा हलदर |
213-217 | Hindi |
| 5 | योग की वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उपचारात्मक उपयोगिता अभिषेक कुमार, प्रो.जवाहर लाल |
187-189 | Hindi |
| 6 | बेतवा बहती रहे में स्त्री बोध एवं समीक्षा दीपिका व्यास, डा. जसबीर सिंह |
128-131 | Hindi |
| 7 | रामायण एवं अर्थशास्त्र में सुशासन की अवधारणा परमेश्वर नन्द |
123-127 | Hindi |
| 8 | वेदों में राष्ट्र की अवधारणा : एक समग्र चिंतन निखिल, डॉ सोमकृष्ण |
120-122 | Hindi |
| 9 | ‘रेडियो कोसी’ उपन्यास में वर्णित बाढ़ प्रभावित जनजीवन अर्पिता शुक्ला , डॉ अचला पांडेय |
74-76 | Hindi |
| 10 | समकालीन हिंदी रंगमंच के संदर्भ में ‘एक अधपका-सा नाटक’ का अध्ययन अकबरअली शेख |
71-73 | Hindi |
| 11 | पण्डित दुर्गादत्त शास्त्री के काव्यों में बाल-विवाह : राष्ट्रोन्नति पर बाधक तत्व के रूप में अनु देवी, डॉ.सपना चन्देल |
20-24 | Hindi |
| 12 | वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पातंजल योगसूत्र मे वर्णित यम- नियम की नैतिक मूल्यों में उपयोगिता धर्मेन्द्र कुमार, डॉ. राकेश कुमार सिंह |
14-16 | Hindi |
| 13 | घुमंतु जनजाति – बंजारा समुदाय का लोक-साहित्य डॉ. कृष्णा डी लमाणि |
10-13 | Hindi |
| 14 | भारतीय दर्शनों में योगदर्शन का स्थान-विमर्श ईशाद्री दास |
306-307 | Hindi |
| 15 | वाचिक परंपरा के संदर्भ में, पंडित गंगाधर व्यास की चौकड़ियों का अध्ययन महीपत श्रीवास, डॉ. रघुनाथ पाल |
244-246 | Hindi |
| 16 | भक्ति काव्य और हिंदी आलोचना : परंपरा, प्रवृत्तियाँ और आधुनिक पुनर्पाठ प्रतिभा झा |
241-243 | Hindi |
| 17 | “काशी के सांस्कृतिक और साहित्यिक पर्यटन का अध्ययन: जयशंकर प्रसाद के कृतित्व के संदर्भ में” वत्सल श्रीवास्तव, डॉ० सतीश चंद्र जैसल |
230-232 | Hindi |
| 18 | हिंदी कहानी और जीवन की वास्तविकता: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन डॉ नीलकंठ कुमार |
213-217 | Hindi |
| 19 | भाषाई माध्यम एवं पारिवारिक प्रोत्साहन माध्यमिक स्तर का अध्ययन अनिल कुमार कश्यप, बेबी कुमारी |
206-208 | Hindi |
| 20 | स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी महानायक बिरसा मुंडा डॉ. विनोद बाबुराव मेघशाम |
199-201 | Hindi |
| 21 | ‘‘यौगिक जीवन शैली और श्रीअन्न (मिलेट्स) का स्वास्थ्य पर प्रभाव’’ डॉ. मंजू सिंह ठाकुर |
174-177 | Hindi |
| 22 | भारतीय समाज पर भूमंडलिकरण का प्रभाव यू. हरिकृष्ण आचार |
161-164 | Hindi |
| 23 | जनजातीय सांस्कृतिक विरासत और स्वदेशी प्रथाएँ डॉ. महमद नयास पाशा |
157-160 | Hindi |
| 24 | स्वातंत्र्योत्तर हिन्दी कविता का शिल्प डॉ० स्वाति सिंह |
151-156 | Hindi |
| 25 | मालतीमाधवम् में अतिप्राकृत तत्त्व डॉ० (श्रीमती) मनीषा शर्मा |
147-150 | Hindi |
| 26 | समकालीन हिंदी काव्यालोचना और अस्मितावादी विमर्श डॉ.पूनम कुमारी |
142-146 | Hindi |
| 27 | पूर्वोत्तर के जनजातीय वाद्ययंत्र : एक परिचयात्मक अध्ययन ज्योतिका बशिष्ठ |
136-141 | Hindi |
| 28 | समकालीन हिंदी साहित्य के विविध अस्मितामूलक विमर्श: 21वीं सदी के उपन्यासों में वृद्ध विमर्श डॉ. गोविंद जाधव |
130-131 | Hindi |
| 29 | यौगिक जीवनशैली एवं मानसिक स्वास्थ्य सतेन्द्र |
118-120 | Hindi |
| 30 | प्राण चिकित्सा के माध्यम से मानसिक एवं शारीरिक आरोग्यता प्रतिभा, डॉ रमेश कुमार |
101-103 | Hindi |
| 31 | गीतांजलि श्री एवं नीलाक्षी सिंह की रचनाओं में शिल्प, भाषा और शैली का तुलनात्मक अध्ययन रेखा पटेल, डॉ. रश्मि जैन |
92-96 | Hindi |
| 32 | “गिरिराज किशोर के साहित्य में गाँधीवादी दृष्टि” हरिकांत साहू , डॉ. अभिषेक दाँगी |
88-91 | Hindi |
| 33 | “यूरोपीय लोककथाओं के संदर्भ में देवेंद्र कुमार के साहित्य में निहित बाल शिक्षा” प्रीति सोनी , डॉ. सुधीर साहू |
79-81 | Hindi |
| 34 | युवा वर्ग में अहिंसा के विकास हेतु गांधी दर्शन एवं अष्टांग योग की प्रासंगिकता बृज बिलास राय, डा. यशपाल सिंह |
77-78 | Hindi |
| 35 | मैथिलीशरण गुप्त की कविताओं में गांधी दर्शन के विचार डॉ.एम. अब्दुल रजाक |
65-69 | Hindi |
| 36 | “डिजिटल युग में हिंदी यात्रा-साहित्य का बदलता स्वरूप : एक विश्लेषणात्मक अध्ययन” पीयूष जैन |
61-64 | Hindi |
| 37 | हिन्दी कथा-साहित्य में कामकाजी स्त्री: अस्मिता, संघर्ष और अंतर्द्वंद्व साक्षी त्रिपाठी, डॉ० बृजमोहन द्विवेदी |
51-55 | Hindi |
| 38 | एनईपी 2020 और भारतीय भाषाओं का संवर्द्धन रामकुमार सिंह कंवर |
44-47 | Hindi |
| 39 | डॉ. शंकर पुणतांबेकर : भारतीय नाट्य और रंगमंच परंपरा के संवाहक डॉ. सैयद मुईन |
26-29 | Hindi |
| 40 | ‘‘संस्कृत साहित्य की आधुनिक काव्य विधाएः सामान्य परिचय’’ कल्पेश कुमार शुक्ला , प्रो. डॉ. प्रमोद कुमार वैष्णव |
23-25 | Hindi |
| 41 | गढ़वाल का साहित्य एवं इतिहास Sanjay Kumar |
01-05 | Hindi |
| 42 | तनाव प्रबंधन में योग की भूमिका सतेन्द्र |
185-186 | Hindi |
| 43 | तुलसीराम के मुर्दहिया में विद्यालयीन जीवन का संघर्ष जितेंद्र प्रताप सेन , डॉ. रोशनलाल अहिरवार |
180-184 | Hindi |
| 44 | आध्यात्मिकता, योग और मनोचिकित्सका के सन्दर्भ में (महर्षि दयानंद दर्शन का मनोवैज्ञानिक अध्ययन) रजनीश कुमार पाण्डेय, प्रमोद कुमार |
173-175 | Hindi |
| 45 | स्मृति से सृजन तक: ममता कालिया के संस्मरणों में रचना- प्रक्रिया का आत्मकथ्य डॉ. प्रभात शर्मा |
142-145 | Hindi |
| 46 | आधुनिक समाज में हिंसा की समस्या और समाधान : गांधी एवं अष्टांग योग की अहिंसात्मक दृष्टि बृज बिलास राय , डा. यशपाल सिंह |
140-141 | Hindi |
| 47 | दुर्गा सप्तशती : एक शोधपरक अध्ययन डॉ.अमित कुमार पाण्डेय |
100-103 | Hindi |
| 48 | मैत्रेयी पुष्पा के उपन्यासों में स्त्री संघर्ष फरीदा उक्कली, प्रो.श्रीमती राजू. बागलकोट |
93-95 | Hindi |
| 49 | उषा प्रियवंदा के कथा साहित्य में जीवन मूल्य का अध्ययन सोनिका कुमारी, डॉ. दीपिका जैन |
77-80 | Hindi |
| 50 | कर्नाटक के महत्वपूर्ण लोक वाद्ययंत्र डॉ. सैयद मुईन |
35-38 | Hindi |
| 51 | कबीर : अनुभव की भाषा और समाज के सत्य का दर्पण दुर्गेश कुमार टंडन, डॉ.जयपाल सिंह प्रजापति |
31-34 | Hindi |
| 52 | महाभाष्य पर टीकाकारों का योगदानः एक विश्लेषणात्मक अध्ययन नीरज फोन्दणी |
29-30 | Hindi |
| 53 | विद्यासागर नौटियाल के उपन्यास ‘मेरा जामक वापस दो’ में राष्ट्र विकास का चिंतन करूणा गायकवाड़ , डॉ.जयपाल सिंह प्रजापति |
09-11 | Hindi |
| 54 | ‘‘ राजस्थान के आधुनिक संस्कृत महाकाव्यों की प्रवृत्तियाँ ” (17वीं से 20वीं शताब्दी तक) चेतन पुरी, डॉ. अंजना शर्मा |
04-08 | Hindi |
| 55 | अद्वैत वेदान्त में मोक्ष की अवधारणा – एक शास्त्रीय एवं दार्शनिक अध्ययन डॉ० प्रीति सिरौटीय |
179-181 | Hindi |
| 56 | परमहंस शुकदेव और श्रीमद्भागवत का तात्विक स्वरुप डॉ.अमित कुमार पाण्डेय |
168-172 | Hindi |
| 57 | गौ महिमा सीताशरण नौटियाल, डॉ.आनन्द मोहन जोशी |
154-156 | Hindi |
| 58 | बृहत्संहिता का वृष्टि-विज्ञान: समसामयिक समीक्षा कमलकान्त |
143-146 | Hindi |
| 59 | ‘‘राजस्थान के आधुनिक संस्कृत साहित्यकारों का वैदिक विमर्श’’ (17वीं से 20वीं शताब्दी तक) चेतन पुरी, डॉ. अंजना शर्मा |
125-129 | Hindi |
| 60 | मानव जीवन में षट्चक्रों का प्रभाव विक्रम सिंह कण्डारी, डॉ. रूपाली गुप्ता |
121-124 | Hindi |
| 61 | राष्ट्र निर्माण में षोडश संस्कारों का महत्व डॉ. वीरेंद्र कुमार, ममलेश्वर प्रसाद |
115-120 | Hindi |
| 62 | संज्ञानात्मक क्षमता पर ॐ जाप का प्रभाव: एक व्यवस्थित वैज्ञानिक विश्लेषण भावना चौहान, डॉ. नितिन कुमार |
102-106 | Hindi |
| 63 | सुमित्रानंदन पंत और कुवेंपु के साहित्य में प्रकृति – प्रतीकात्मकता का चित्रण डॉ. सैयद मुईन |
84-87 | Hindi |
| 64 | निर्मला पुतुल की कविताओं में आदिवासी जीवन का आलोचनात्मक संदर्भ डॉ.एम.अब्दुल रजाक |
79-83 | Hindi |
| 65 | चरकसंहिता में रक्तपित्त व्याधि : उपसर्ग सहित निदान एवं उपचार अपूर्बा हलदर , डॉ० सपना चन्देल |
74-78 | Hindi |
| 66 | अनुवाद प्रशिक्षण की सार्थकता डॉ. सुस्मिता कोरोथ एडवना |
68-70 | Hindi |
| 67 | गीता में निष्काम कर्मयोग का विवेचन डॉ राधा देवी |
65-67 | Hindi |
| 68 | रवीन्द्र कालिया की कहानियों में चित्रित सामाजिक यथार्थ डॉ. विनोद बाबूराव मेघशाम |
58-61 | Hindi |
| 69 | वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी एवं सामाजिक परिवर्तन: जयपुर के मध्यम वर्गीय समाज का समाजशास्त्रीय अध्ययन Dr. Daya Shankar Sharma |
39-42 | Hindi |
| 70 | वैदिक व अवैदिक काल में शिक्षाशास्त्रियों के दर्शनशास्त्र का वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में तुलनात्मक अध्ययन मनीषा, डॉ. मनोज जोशी |
35-38 | Hindi |
| 71 | दिव्यांगजनों की आर्थिक आत्म निर्भरता का विश्लेषणात्मक अध्ययन: दिव्यकला मेला के विशेष संदर्भ में श्री सुनील कुमार शिरपूरकर |
28-30 | Hindi |
| 72 | वेदों में आयुर्वेदिक चिकित्सा डॉ. पूजा कुमारी |
20-23 | Hindi |
| 73 | साहित्य और समाज का सम्बन्ध डॉ. मथुरा इमलाल |
05-06 | Hindi |
| 74 | पुस्तकालय कार्यबल और डिजिटल कौशल विकास : वर्तमान आवश्यकताएँ और भविष्य की राह कु० शालू , डा.बसवराज एम.टी. |
01-04 | Hindi |
| 75 | योगसूत्र और विशुद्धिमग्ग का तुलनात्मक अध्ययन डॉ० प्रीति सिरौटीय |
260-263 | Hindi |
| 76 | नाद योग में श्वास, ध्वनि और माइंडफुलनेस सुनील कुमार तिवारी |
252-254 | Hindi |
| 77 | सनातन धर्म में गो पूजन का धार्मिक एवं सामाजिक महत्व; एक अध्ययन डॉ.अमित कुमार पाण्डेय |
247-249 | Hindi |
| 78 | मानस संवाद वर्तमान शिक्षा के परिप्रेक्ष्य में लक्ष्मी नौटियाल, डॉ.आनन्द मोहन जोशी |
233-236 | Hindi |
| 79 | दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष में वर्णित गर्भविज्ञान : एक समीक्षात्मक अध्ययन कमलकान्त |
219-222 | Hindi |
| 80 | समाजिक बदलाव में अनुवाद की भूमिका डॉ. सुस्मिता कोरोथ एडवना |
194-199 | Hindi |
| 81 | शिक्षा का सामाजिक परिवर्तन में योगदान सुश्री.मोनिका शर्मा |
171-174 | Hindi |
| 82 | वर्तमान परिप्रेक्ष्य में गीता की उपयोगिता डॉ मधु माला सिन्हा |
160-162 | Hindi |
| 83 | गायत्री मन्त्र चिकित्सा द्वारा मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन आचार्य इन्द्रजीत शर्मा, जिज्ञासा ठाकुर |
139-145 | Hindi |
| 84 | “श्रावकाचार ग्रंथों में सम्यक्दर्शन, सम्यक्ज्ञान और सम्यक्चरित्र की त्रिवेणी: एक अध्ययन” कल्पना जैन |
130-132 | Hindi |
| 85 | वर्तमान परिपेक्ष्य में क्रियायोग की उपयोगिता: एक अनुशीलन डॉ. श्याम सुन्दर पाल, डॉ अशोक भास्कर |
111-116 | Hindi |
| 86 | जैन प्राकृत साहित्य में वैज्ञानिक प्रमेय पारस जैन |
100-104 | Hindi |
| 87 | आगम के विविध लक्षणों का समन्वय प्रशांत जैन |
96-99 | Hindi |
| 88 | समग्र और बहुविषयक शिक्षा के लिए एक नया दृष्टिकोण: राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 और भारतीय उच्च शिक्षा का भविष्य डॉ. कुमार बागेवाडिमठ |
87-90 | Hindi |
| 89 | “अष्टछाप संप्रदाय और कवि परमानन्द दास का काव्य” सपना कुमारी राय |
72-75 | Hindi |
| 90 | सृष्टि विकास का भारतीय- चिन्तन डॉ. पूनम कुमारी |
67-71 | Hindi |
| 91 | उभरते भारत का साहित्य : राष्ट्रबोध डॉ. पूनम कुमारी |
55-60 | Hindi |
| 92 | भारतीय स्वतन्त्रता के समय वैदिक अध्ययन की स्थितियाँ: एक सिंहावलोकन विद्यावाचस्पतिः प्रो. सुन्दरनारायणझाः |
41-44 | Hindi |
| 93 | भारतीय ज्ञान परंपरा में नाद योग की भूमिका और आधुनिक जीवनशैली में इसकी प्रासंगिकता का अध्ययन सुनील कुमार तिवारी |
31-33 | Hindi |
| 94 | “विकलांगता: एक समावेशी समाज की दिशा में प्रयास” अविनाश विठ्ठलराव अनेराये, प्रिया |
15-21 | Hindi |
| 95 | योग और ध्यान : न्यूरोसाइंस के संदर्भ में वैज्ञानिक विश्लेषण डॉ० प्रीति सिरौटीय |
262-265 | Hindi |
| 96 | পুরাণে মানসিক স্বাস্থ্য নিরুপণ Dipanwita Das Paria, Prof. Dr. Hemanta Bhattacharyya |
259-261 | Hindi |
| 97 | मानसिक स्वास्थ्य में योग की उपादेयता सुनील कुमार तिवारी, डा० मनोज कुमार राठी |
252-254 | Hindi |
| 98 | रामायण में राज्यतन्त्र कमलकान्त |
235-237 | Hindi |
| 99 | हिन्दी साहित्य और भाषाई विविधताः राष्ट् के बहुभाषी स्वभाव की पहचान काव्य के भाषाई रूपांतरण का रहस्य डॉ. सुस्मिता कोरोथ एडवना |
223-225 | Hindi |
| 100 | अष्टांगहृदय में वर्णित छंदों का विवेचनात्मक अध्ययन सोनिका देवी, डॉ. सुदामा सिंह यादव |
210-212 | Hindi |
