S. No. Manuscript Title & Author Page No. Read Article Language
1 पुरातन-नूतन-वेदभाष्यकाराणां समालोचनायाः एकम् अध्यायनम्
Mallika Sen
253-258
Sanskrit
2 “अभिज्ञानशाकुन्तलम्” इति नाटके मार्गदर्शन-परामर्शतत्त्वानां तात्त्विकमध्ययनम्
गायत्री पण्डा
246-248
Sanskrit
3 वैदिकसन्ध्योपासनपद्धतिविमर्श:
जयप्रकाशपाठक:
240-243
Sanskrit
4 गुल्मिनी गीतिकाव्ये प्रकृतिचित्रणम् -एकम् अध्ययनम्
लक्ष्मीश्री बेहेरा
237-239
Sanskrit
5 सामवेदीय-ऋक्तन्त्रोक्तवर्णोच्चारणविधीनां विमर्शः
हरिश्चंद्र मालू गवस, प्रो.हरेकृष्ण अगस्ती
233-236
Sanskrit
6 आधुनिकसंस्कृतसाहित्यस्य विकासपरम्परायां रामाशीषपाण्डेयस्य अवदानं निरीक्षणम्
मधुमिता दासः
229-232
Sanskrit
7 वैयाकरणसिद्धान्तकौमुद्याः स्त्रीप्रत्ययान्तानां नवीनोदाहरणानि
सुभाष-वैद्यः
222-225
Sanskrit
8 पाणिनीये ‘आख्यातोपयोगे’ इति सूत्रस्य पदार्थविमर्शः
कौशिक-प्रधानः
218-221
Sanskrit
9 सिद्धसिद्धान्तपद्धतौ सद्गुरुतत्त्वं तथा अवधूतयोगिलक्षणम्
पुलक-दासः
208-212
Sanskrit
10 विशिष्टाद्वैसिद्धान्तपरिचयः ब्रह्मसूत्रप्रमेश्च
आर् यश्वन्त श्रीशायि दीक्षितः
204-207
Sanskrit
11 पाणिनीयव्याकरणे परिभाषासूत्रस्य प्राशस्त्यम्
Dr. Dilip Kumar Das
201-203
Sanskrit
12 जीवानन्दनम् नाटक में मानवीय मूल्य
आकांक्षा द्विवेदी
197-200
Sanskrit
13 वर्तमानकाले मानवाणां दुःखनिवारणे सांख्यदर्शनस्य प्रासङ्गिकताच
Debarati Datta
193-196
Sanskrit
14 आचार्यहेमचन्द्रस्य ध्यानयोगस्य सिद्धान्तपरकसंरचना प्रासंगिकता च
दीपक कुमार
190-192
Sanskrit
15 असिद्धं बहिरङ्गमन्तरङ्गे इति परिभाषयाः विश्लेषणं
डॉ० आभा जैन
185-186
Sanskrit
16 आचार्यबनमालीबिश्वालविरचितकाव्येषु नारीस्वरूपविमर्शः
स्नेहाञ्जलि साहु
181-184
Sanskrit
17 योग एवं मनोविज्ञान के अंतसंबंधः (मानव स्वास्थ्य के विशेष संदर्भ में)
अभिषेक कुमार, प्रो.जवाहर लाल
177-180
Sanskrit
18 वास्तुशास्त्रे पञ्चमहाभूत-प्राकृतिकशक्तिनां विमर्श:
Ruchika Upadhyay, Dr. Yogendra Kumar Sharma
167-171
Sanskrit
19 मीमांसा-वेदान्त-सांख्याभिमत अवयवत्रयवादपरम्पराविमर्शः
सन्तोषी महापात्रः
163-166
Sanskrit
20 अलङ्कारेषु व्याकरणसिद्धान्ता:
सुमन कोइराला
160-162
Sanskrit
21 প্রাচীন ‘মনুসংহিতার’ বর্ণ-ব্যবস্থা বনাম বর্তমান সমাজে দলিত সম্প্রদায়
Aditi Mandal
157-159
Sanskrit
22 भारतीयदर्शनेषव्यक्तित्वविकासोपायाः
डां. नरेन्द्र कुमारः
152-156
Sanskrit
23 ‘त्रिगुणात्मकान्तःकरणवृत्तेः विचारः’ (Study of Triguṇa natured Antaḥkaraṇa according to Vedānta philosophy)
विजयलक्ष्मी अम्माल्
150-151
Sanskrit
24 वैज्ञानिकमते सृष्ट्युत्पत्तौ कालाकाशयोर्भूमिका
Dr. Lipi Patra
145-149
Sanskrit
25 अर्वाचीन एवं प्राचीन वेद भाष्यकारों का समीक्षात्मक अध्ययन
अवधेश सिंह
141-144
Sanskrit
26 अद्वैतवेदान्ते अविद्या – अध्यास – जीवन्मुक्तितत्त्वानां तात्त्विकमीमांसा (A Research Study on Avidyā, Adhyāsa and Jīvanmukti in Advaita Vedānta)
कल्याणी पाण्डा
137-140
Sanskrit
27 शून्ये मेघगानमिति काव्यग्रन्थे उपमानां नव्यता
डॉ सङ्गीता मण्डल
117-119
Sanskrit
28 राष्ट्रभृत् होम: एक अध्ययन।
शुभमकुमारपाण्डेय
113-116
Sanskrit
29 द्वैतदर्शने प्रामाणिकप्रतियोगिकत्वं मुनित्रयसम्मतम्
कृष्णाचार्य पुरोहितः
108-112
Sanskrit
30 लघुत्रय्यां बृहत्त्रय्यां गुणपरिमानविचारसमीक्षणम्
Sanchita Chakraborty
105-107
Sanskrit
31 प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा में नारी महिमा
मनोज कुमार शुक्ल, तरुण कुमार शर्मा
97-100
Sanskrit
32 भारतविजयनाटके धर्मशास्त्रीयमूल्यम्
अक्षयकुमाररायः
89-91
Sanskrit
33 जनजातीयानामुत्थाने आदिवासिमहापुरुषस्य श्रीरामेश्‍वरस्‍य शैक्षिकमाध्‍यात्मिकयोगदानम्
कुमारी शीतला, डॉ.जि.नरसिम्हुलु
84-88
Sanskrit
34 विदग्धमाधवम् नाटकस्य काव्यशास्त्रीयमध्ययनम्
सुनन्दा दे
77-83
Sanskrit
35 विवाहविधिः
Dr. Markanda Nayak
68-70
Sanskrit
36 काण्वशतपथब्राह्मणे निरूपितस्य अग्न्याधेयस्य कालवैविध्यपरिशीलनम्
एच वी अमरनाथ
64-67
Sanskrit
37 ‘अथातो ब्रह्मजिज्ञासा’ : ब्रह्मसूत्र का दार्शनिक आधार
डॉ० दीपक कुमार पाठक
55-59
Sanskrit
38 भारतीय ज्ञान परम्परा में भूगर्भ विज्ञान
डॉ प्रभात नारायण पाण्डेय
52-54
Sanskrit
39 अदर्शनं लोप: महाभाष्यदृष्ट्या तत्त्वमीमांसा
Dr. Santosh Majhi
50-51
Sanskrit
40 वैदिककालीन अर्चना-परम्परा एवं वास्तु-विज्ञान
डॉ. पुष्पेन्द्र जोशी
46-49
Sanskrit
41 ‘कविवररामलखनपाण्डेयस्य कृतीनां परिचयात्मकं विवेचनम्’
हरिश्चन्द्रः, प्रो.सनन्दनकुमारत्रिपाठी
40-45
Sanskrit
42 मृच्छकटिकाधारेण आदर्शः चरित्रं चारुदत्तः
डॉ. हेमन्तकुमार नेपाल
35-39
Sanskrit
43 देवीपुराणे योगसम्मतेश्वरतत्त्वविमर्शः
Snigdha Poddar
32-34
Sanskrit
44 शुक्लयजुर्वेदे स्वरभक्तिः
आराध्युल रमेशः
17-19
Sanskrit
45 “पत्युर्नो यज्ञसंयोगे” इति सूत्रे निहितः स्त्रीस्थानविमर्शः – सामाजिकभाषाशास्त्रीयं विश्लेषणम्।
Dr. Thahira P.
08-09
Sanskrit
46 संसारोच्छेदो मुक्तिः
मामिना साहुः
308-312
Sanskrit
47 वेदान्तशास्त्रे ब्रह्मस्वरूपम् एकम् अध्ययनम्
मधुमिता गुच्छाइत्
300-305
Sanskrit
48 वराहपुराणे वर्णितं व्रताः उत्सवाश्च : भारतीयलोकसंस्कृतिः सन्दर्भे
रणजित् बाग्दी, डॉ. हरीशदासः
297-299
Sanskrit
49 रुचिकराणि भोज्यपदार्थानि
Dr. T. Venkateswarlu
293-296
Sanskrit
50 उपनिषत्सु मुख्यब्रह्मोपसनाविचारविमर्शः
Dr. Santu Kumar Pan
288-292
Sanskrit
51 उपनिषद्वाङ्मये राष्ट्रस्य महत्त्वम्
Dr. M. Dattatraya Sharma
285-287
Sanskrit
52 दूतकाव्यपरम्परायां जीमूतदूतम्
दुर्गाशङ्करपण्डा
282-284
Sanskrit
53 उपनिषदां दार्शनिकमहत्त्वम् (उपनिषदां स्वरूपम्, विषयः, संख्या, दर्शनम् च)
N.Aravindhan
279-281
Sanskrit
54 कालिदासरूपकेषु प्रेमिक-प्रेमिकयोः चरितविमर्शः
गौराङ्ग साउ
272-278
Sanskrit
55 योगदर्शने आध्यात्मिक भक्तियोगाश्च
डा. सुप्रिया वेरा
263-266
Sanskrit
56 विशिष्टाद्वैतवेदान्तानुसारं गीतायामात्मतत्त्वविचारः
Dr. Markanda Nayak
259-262
Sanskrit
57 वैदिक कालीन भारत में गणतंत्र व्यवस्था के तत्व : एक ऐतिहासिक-दार्शनिक अनुशीलन
डॉ० दीपक कुमार पाठक
251-254
Sanskrit
58 रामायणे वर्णिता पाककला
सन्दीपन रायः
247-250
Sanskrit
59 “भाषाशिक्षणे सूचनासंचारप्रौद्योगिक्यनुप्रयोगे समस्याः समाधानञ्च”
मनोज कुमार पांडेयः, डाँ. शिवदत्त आर्यः
224-229
Sanskrit
60 संस्कृतसाहित्ये छन्दोविचारः, छन्दस्सु अनुष्टुपछन्द:
Dr.Harikrishna Kondapalli
222-223
Sanskrit
61 प्राचीन भारतीय राजव्यवस्था: कौटिल्य के अर्थशास्त्र के परिप्रेक्ष्य में
Dr. Darin Sarkar
218-221
Sanskrit
62 महाभाष्यकारस्य पतञ्जलेर्व्याख्यानपद्धतिः
गणेशमहतो, सदानन्दः
209-212
Sanskrit
63 पातञ्जल महाभाष्यटीका सूक्तिरत्नाकर का ऊह सम्बधित परिप्रेक्ष्य
संजीव कुमार, प्रोफेसर ओमनाथ बिमली
192-198
Sanskrit
64 वेणीसंहारे सुवदनाचरित्रचित्रणम्
सिद्धार्थवैराग्यः
188-191
Sanskrit
65 शाङ्कराचार्य-शैवदर्शनयोः अद्वैतवादस्य विश्लेषणात्मकमध्ययनम्
अशोका रुइदास
184-187
Sanskrit
66 चक्रपाणिटीकानुसारं चरकसंहितायाः सूत्रस्थानस्य प्रथमचत्वारोऽध्यायानां समीक्षा
डा.तरुण कुमार माइति
170-173
Sanskrit
67 भारतीयज्ञानपरम्परायां संस्कृतभाषाविज्ञानस्य तथा व्याकरणस्य योगदानम्।
डा. मिलनमाजी
165-169
Sanskrit
68 अजेर्व्यघञपोः सूत्रविमर्शः
श्री शिवप्रसाद शुक्लः
126-129
Sanskrit
69 गीतशङ्कर-गीतसुन्दरकाव्ययोः वसन्तवर्णनम् ।
संघमित्रा जेना
123-125
Sanskrit
70 श्रीतुलसीमहाकाव्ये धर्मशास्त्रवैज्ञानिकांशाः
राकेशपरिडा
121-122
Sanskrit
71 संस्कृतवाङ्मयसहितश्रीमद्भागवताग्निमहापुराणयोः मोक्षप्राप्तये अष्टसिद्धीनामनुशीलनम्
खेमराजः
104-107
Sanskrit
72 भट्टलोलट्ट–भट्टनायक–शंकुक–अभिनवगुप्त : रससिद्धान्तस्य सौंदर्यशास्त्रीयम् अनुशीलनम्
डॉ० प्रीति सिरौटीय
97-100
Sanskrit
73 अष्टावक्रगीतायां निहितसामाजिकतत्त्वानि (A Study of Social Elements in Ashtavakragita)
Shankar datta Joshi
85-87
Sanskrit
74 संस्कृतबङ्गभाषयोः नैसर्गिकं सान्निहित्यम्
कौशिकहालदारः
82-84
Sanskrit
75 रत्नपालचरितस्य परिचयः
फूलचन्द:
73-76
Sanskrit
76 द्विसन्धान महाकाव्य और रामायण में साम्यवृत विवेचन
कुलभूषण शारदा
70-72
Sanskrit
77 पाणिनिजैनेन्द्रव्याकरणयोः सुप्प्रत्ययानां तुलनात्मकमध्ययनम्
हरिशंकरकुमारः
56-60
Sanskrit
78 पाणिनिजैनेन्द्रव्याकरणयोः सनाद्यन्तप्रत्ययानां तुलनात्मकमध्ययनम्
दयाराम गौतमः
48-50
Sanskrit
79 भास्करोक्तपर्वसाधनम्
डा. राघवेन्द्रः
37-39
Sanskrit
80 अस्माकं समाजः भगवत्पादाश्च
सुशान्तमण्डलः
33-36
Sanskrit
81 प्राचीनभारते परिवेशभारसाम्यार्थभूमिसंरक्षणं – कौटिलीयेऽर्थशास्त्रे
सन्तोष मण्डलः
30-32
Sanskrit
82 वाजसनेयिप्रातिशाख्यानुसारेणोच्चारणस्थानानि
सिद्धान्तषडङ्गी
19-22
Sanskrit
83 जीवनदर्शनशास्त्रयोरन्तःसम्बन्धः
प्रो. जवाहरलाल
16-18
Sanskrit
84 पञ्चाननतर्करत्नविरचिते अमरमङ्गलम् इति नाटके नाटकलक्षण-विमर्शः
अजयतन्तुवायः
12-15
Sanskrit
85 आचार्यशङ्कस्य परमाणुकारणतावादखण्डनयुक्तेः विमर्शः
Kabery Hossain
08-11
Sanskrit
86 शाङ्करभाष्यानुसारेण कर्मानुस्मृतिशब्दविध्यधिकरणतात्पर्यालोचनम्
कार्त्तिक मण्डलः
06-07
Sanskrit
87 वैयाकरणसिद्धान्तकौमुद्यां लृङ् लकारस्य प्रयोगविश्लेषणम्
अञ्जलीपालः
246-248
Sanskrit
88 महाकविकालिदासविरचितमहाकाव्येषु श्रृङ्गाररसनिरूपणम्
राजेन्द्र कुमार
242-245
Sanskrit
89 मानवजीवने विद्यमानं दुःखं तस्य निवारणोपायाः च
Dr. Prabir Dhall
239-241
Sanskrit
90 महाभारते मुख्ययोः लिङ्गगत-असामान्यवपुर्मानुषयोः सामान्याध्ययनम्
Josimuddin Seikh
236-238
Sanskrit
91 “तीर्थयात्रा तथा पवित्रस्थानानि : वराहपुराणम्-निर्देशानुसारम्”
रणजित् बाग्दी , डॉ. हरीशदासः
234-235
Sanskrit
92 शङ्कराचार्येण स्थापितमठानां विषये एका संक्षिप्ता आलोचना
डॉ. सुमनदासः
232-233
Sanskrit
93 कुमारविजयनाटके नाट्यतत्त्वानि
मधुमिता दासः
228-231
Sanskrit
94 वेदोऽखिलो धर्ममूलम् (वेद विभागः, विषयः, लक्षणम् च)
N.Aravindhan
224-227
Sanskrit
95 व्यक्तित्वसाधने सामाजिक स्वास्थ्यगठने च योगस्य अवदानम्
डा. सुप्रिया वेरा
220-223
Sanskrit
96 औचित्यं रससिद्धस्य स्थिरं काव्यस्य जीवितम्
Dr. Markanda Nayak
217-219
Sanskrit
97 काण्वशतपथब्राह्मणनिरूपिते इष्टिप्रकरणे हविर्द्रव्यसंस्कारस्य परिशीलनम्
एच वी अमरनाथ
212-216
Sanskrit
98 मुण्डकोपनिषद् में परा-अपरा विद्या: एक दार्शनिक अध्ययन
डॉ० दीपक कुमार पाठक
204-207
Sanskrit
99 पारस्करगृह्यसूत्रे संस्काराः
Soubhagya Ranjan Nanda
202-203
Sanskrit
100 उपनिषद्ब्रह्मेन्द्रयोगी : जीवनसाधना तथा वेदान्तदर्शनम्
श्रीमती मञ्जुलतासाहुः
198-201
Sanskrit