S. No. Manuscript Title & Author Page No. Read Article Language
1 कालीपदतर्काचार्यविरचितमन्दाक्रान्तावृत्तखण्डकाव्ये गुणसन्निवेशनविधिः
मनामी वैराग्य
68-70
Sanskrit
2 आधुनिकसंस्कृतसाहित्येतिहासे डा. निऱञ्जनमिश्रस्य योगदानम्
Alpana Paul
62-64
Sanskrit
3 श्रीमद्रामायणानुसारेण भारतीयज्ञानपरम्परायाम् अयोध्यायाः संस्कृतिः
चन्द्रप्रकाशपाण्डेयः
59-61
Sanskrit
4 इन्द्रियमनादितत्त्वेभ्यः आत्मनः परत्वनिरुपणम्
Pabitra Barman
56-58
Sanskrit
5 श्रीरामस्वामिपण्डितकृतराजतरलव्याख्यायां नाडीतत्त्वविचारः
Sarathi Barman
51-55
Sanskrit
6 अर्थशास्त्रे गुप्तचर व्यवस्था-एकं समीक्षात्मकमध्ययनम्
Dr. Manoja Tripathy
41-44
Sanskrit
7 देवीदानवीयकाव्ये रसध्वनिविवेकः
Madhu Sudan Saha
38-40
Sanskrit
8 महाकवि श्रीहर्ष के नैषधीयचरित में न्याय एवं वैशेषिक दर्शन का प्रभाव : चयनित श्लोकों के आलोक में
Bishwaketu Barman
34-37
Sanskrit
9 चित्रनैषधकाव्ये मूलकथा तोलनम्
Madhu Sudan Saha
29-31
Sanskrit
10 भर्तृहरिमते कालः
प्रवेशकुमारः, डा. विनिताशर्मा
19-23
Sanskrit
11 आधुनिकयुगे विद्यार्थिनां शैक्षिकोपलब्धौ स्मृतौ च योगाभ्यासस्य योगदानम्
Mukesh Biswas
15-18
Sanskrit
12 देवीभागवते सम्वर्णितानां आध्यात्मिकशैक्षिकतत्त्वानां प्रासंगिकता
सोमेश कुमार
11-14
Sanskrit
13 संस्कृतसाहित्ये अमात्यस्य वैशिष्ट्यम्
सूरजचौबे
07-10
Sanskrit
14 बुद्धचरितसौन्दरनन्दयोः राष्ट्रचिन्तनम्
मधुपर्णीदाशः
04-06
Sanskrit
15 भारतीयज्ञानपरम्परादृष्ट्या संगणकसहकृतशिक्षणमाध्यमेन संस्कृतव्याकरणशिक्षणनम्
शुभ चौनी
01-03
Sanskrit
16 आधुनिकभारतस्य विकासे संस्कृतस्य स्थानम्
मधुपर्णी दाशः
244-246
Sanskrit
17 आलङ्कारिकाणां रसवादविश्लेषणम्
डा. छोटूकुमारमिश्रः
240-243
Sanskrit
18 आचार्य जि.एस्.आर्.कृष्णमूर्तिमहोदयानां संस्कृतसाहित्यक्षेत्रे अवदानम्
जोगेश्वर गडत्या
237-239
Sanskrit
19 व्याकरणे कालस्य अवधारणा
प्रवेशकुमारः, डा. विनिताशर्मा
233-236
Sanskrit
20 सनाद्यन्तप्रत्ययसन्दर्भे पाणिनिजैनेन्द्रयोस्तुलनात्मकमध्ययनम्
सोनू शर्मा
230-232
Sanskrit
21 मनोवैज्ञानिकसिद्धान्तानां परिप्रेक्ष्ये विद्यार्थिनां समायोजनशैक्षिकोपलब्ध्योः सम्बन्धस्याध्ययनम् A Study of the Relation Between Students Adjustment and Academic Achievement from the Perspective of Psychological Theories
बिजेन्द्रसिंहः, डा. भारती कौशलः
219-225
Sanskrit
22 ‘‘प्रकर्षार्थमन्तरेण क्वचित्स्वार्थेऽपि तरबस्ति’’ इति ज्ञापकविमर्शः।
डॉ. धर्मपालप्रजापतः
207-209
Sanskrit
23 काव्यप्रकशस्य साहित्यदीपिकाटीकायाः तृतीय उल्लासः
डॉ हरप्रिया हातिः
205-207
Sanskrit
24 संस्कृतवाङ्मये ‘छायापरम्परा’- एकं विश्लेषणात्मकम् अध्ययनम्
Adweta Dash
196-200
Sanskrit
25 ভারতীয় জ্ঞানপরম্পরায় উপনিষদের মহত্ব
স্বপনসিং
192-195
Sanskrit
26 भारतीयज्ञानपरम्परायां पुरा नारीणामद्भूता भूमिका
सुकान्त कुमार बारिक
187-191
Sanskrit
27 औपनिषदिक नीतिशास्त्र का स्वरूप एवं समसामयिक उपयोग
सुधांशु शेखर झा
183-186
Sanskrit
28 शास्त्रिस्तरीयच्छात्रेषु नाडीवैविध्यग्रहणन्यूनतानाम् अन्वेषणात्मकम् अध्ययनम् An Explorative study on the Lack of Embracement of Neurodiversity among Sastri level students.
अतुल् श्रीराग्. के. आर्
177-182
Sanskrit
29 धर्मशास्त्रदृष्ट्या वनस्पतीनां धार्मिक-पर्यावरणीय- स्थायिविकासपरकं महत्त्वम्
डॉ. सिद्धार्थशङ्करदाशः
170-173
Sanskrit
30 कृषि तथा भारतीयपर्वाणी- एकमध्ययनम् ।
प्रतिभा साहू
167-169
Sanskrit
31 स्मृतिग्रन्थेषु वर्णितं शैक्षिकमूल्यानि
शुभश्री महान्ति
164-166
Sanskrit
32 भासनाटकचक्रे नारीपात्राणां योगदानम्
अष्टमी बेज्
156-158
Sanskrit
33 लक्षणापेक्षाविमर्शः
श्री गगनदीपः
152-155
Sanskrit
34 परिहासविजल्पिते हास्यरसविवेचनम्
अनिलकुमारशुक्लः
149-151
Sanskrit
35 वास्तुशास्त्रस्य सामान्यपरिचयः महत्त्वञ्च
डॉ. सन्तोषकुमारः
133-134
Sanskrit
36 पुरुषोत्तममाहात्म्ये श्रीजगन्नाथस्य परतत्त्वस्वरूपम्
निताइबिश्वासः
124-128
Sanskrit
37 पाणिनिजैनेन्द्रयोर्लादेशप्रकरणस्य साम्यवैषम्यसमीक्षणम्
डा. विनिताशर्मा , सोनू शर्मा
110-113
Sanskrit
38 प्रतिष्ठारहस्यम् – श्रुत्यागमसमन्वयविचारः
R V Phaniram
98-100
Sanskrit
39 बृहस्पति गोचर 2026 : उच्चस्थ गुरु का दिव्य प्रभाव, राशिफल एवं उपाय
प्रो. (डॉ.) पाडुर सुब्रमण्य शास्त्री
91-93
Sanskrit
40 उपनिषदों में योग : एक जीवन पद्धति
नीरज कुमार
87-90
Sanskrit
41 भारतीयज्ञानपरम्परानुसारेण श्रीमद्भागवद्गीतायाः तत्त्वविमर्शः। “A Philosophical Inquiry into the Bhagavad Gita in Accordance with the Indian Knowledge Tradition”
Dr. Abhijit Nandi
82-86
Sanskrit
42 नागेशानुसारं हलन्त्यमिति सूत्रपरिप्रेक्ष्येऽन्योन्याश्रयदोषविमर्शः
शुभ्रजित्पालः
75-81
Sanskrit
43 स्मार्तधर्मपरम्परायाम् आह्निककृत्यानि
डॉ. शकुन्तलादाशः
64-69
Sanskrit
44 काव्यभेदा:
डाँ. मिथुनकुमारशतपथी
62-63
Sanskrit
45 “दुहादिद्विकर्मकधातूनां धात्वर्थसन्दर्भे दीक्षितनागेशयोर्वैमत्यम्”
दीपककुमारचौधरी
58-61
Sanskrit
46 ग्रन्थान्तरतुलनया कुमारसम्भवीयः प्रतिनायकपरिचयः
Dr. C. Hariharan
54-57
Sanskrit
47 মহাভারত ও নারী
মল্লিকা সেন
49-53
Sanskrit
48 विद्यारम्भसंस्कारस्य कालशास्त्रदृष्ट्या मुहूर्तनिरूपणम्॥
गुरुप्रसाद श्रीधर हेगडे
35-36
Sanskrit
49 वास्तुशास्त्रपरम्परायां राजप्रासादानां प्रमुखशैली
राहुलदे
20-23
Sanskrit
50 प्रबोधमिश्रविरचिते प्रज्ञादूते जगत्स्वरूपविमर्शः
Snigdha Swarupa Barik
11-15
Sanskrit
51 भारतीयवास्तुशास्त्रे गृहनिर्माणस्य अवधेयांशाः
डा राघवेन्द्रः
06-10
Sanskrit
52 संस्कृतस्तोत्रकाव्यानाम् उद्भवविकाशच्च
मोनालिसा प्रधानः
369-371
Sanskrit
53 शृङ्गारप्रकाश के आलोक में वृत्तियाँ
डॉ आयुष दीक्षित
356-357
Sanskrit
54 हठयोगप्रदीपिकायां राजयोगे च समाधेः स्वरूपम्
व्यापर्ल गोवर्धन रेड्डि
351-355
Sanskrit
55 ज्योतिषशास्त्रे उन्मादरोगविमर्शः
डॉ. हेम चन्द:
348-350
Sanskrit
56 भावात्मकाध्यात्मिकबुद्धेश्च: वैशिष्ट्यम्
अनीता
345-347
Sanskrit
57 प्रक्रियाशास्त्रे दर्शनसमन्वयविमर्शः (An Inquiry into the Integration of Philosophy within Procedural Grammar)
श्रीमान् गोपालकृष्णदाशः
340-344
Sanskrit
58 बीजमन्त्राणामुपचारपक्षविचारः
Shrutishikha Sahoo, Sr. Prof. Anupama Prusty
336-339
Sanskrit
59 मनुस्मृतेः अनुशासनस्य समीक्षणम्
डॉ. सिद्धार्थशङ्करदाशः
327-331
Sanskrit
60 ऐक्यप्रतिष्ठायै नैकाशाखा
डाँ. मिथुनकुमारशतपथी
317-318
Sanskrit
61 “लकारार्थविवेचनपुरस्सरं किरातार्जुनीयमहाकाव्ये प्रयुक्तकेषाञ्चन तिङन्तपदानां शब्दशास्त्रीयं समीक्षणम्”
धीरजकुमारचौधरी
312-316
Sanskrit
62 अद्वैतवेदान्तोक्तरीत्या सृष्टिप्रक्रिया
Dr.Monojit Mukherjee
309-311
Sanskrit
63 पाणिनिकातन्त्रव्याकरणयोः कारकलक्षणविमर्शः
ऐन्दवी आर्या
305-308
Sanskrit
64 देवभूमिहिमाचलप्रदेशे वर्त्तमानपरिप्रेक्ष्ये यौगिकसाद्धकानां प्रासाङ्गिकता
खेमराजः
301-304
Sanskrit
65 मुहूर्त शास्त्र : एक शास्त्रीय विवेचन
डॉ. पवनकुमार मिश्र
298-300
Sanskrit
66 वाल्मीकी रामायण में नदीयाँ तथा जलसंरक्षण के उपाय
सौ. सुवर्णा संजयकुमार केवटे , प्रो. कविता सु. होले
293-297
Sanskrit
67 व्याकरणशास्त्रे मनुस्मृतौ च दण्डविधानम्
प्रो.सुजातात्रिपाठी
286-290
Sanskrit
68 सिंहलविजयनाटके प्राकृत्रिकचित्रणाभिप्रेरणम्
दीप्तिरेखा मिश्र
284-285
Sanskrit
69 वास्तुशास्त्र-दृष्ट्या देहलीनगरस्य चिन्तनम्
चन्दन पाण्डेय, डॉ अशोक थपलियाल
281-283
Sanskrit
70 कालीपद तर्काचार्य की वाग्वैदग्ध्यपूर्ण स्वारस्वत साधना पर न्याय और वैशेषिक दर्शन का प्रभाव।
Bishwaketu Barman
275-277
Sanskrit
71 संस्कृतवाङ्गमये मानवाधिकारचिन्तनम्
डॉ. सुमितकुमारशर्मा
271-274
Sanskrit
72 5.5 गरुडपुराणे समुपदिष्टनीतीनां वैशिष्ट्यं तासां साम्प्रति-कन्यायव्यवस्थाया- मवदानचिन्तनञ्च
शकुन्तला शुक्ला, प्रो. देवेन्द्र प्रसाद मिश्र
267-270
Sanskrit
73 पुरातन-नूतन-वेदभाष्यकाराणां समालोचनायाः एकम् अध्यायनम्
Mallika Sen
253-258
Sanskrit
74 “अभिज्ञानशाकुन्तलम्” इति नाटके मार्गदर्शन-परामर्शतत्त्वानां तात्त्विकमध्ययनम्
गायत्री पण्डा
246-248
Sanskrit
75 वैदिकसन्ध्योपासनपद्धतिविमर्श:
जयप्रकाशपाठक:
240-243
Sanskrit
76 गुल्मिनी गीतिकाव्ये प्रकृतिचित्रणम् -एकम् अध्ययनम्
लक्ष्मीश्री बेहेरा
237-239
Sanskrit
77 सामवेदीय-ऋक्तन्त्रोक्तवर्णोच्चारणविधीनां विमर्शः
हरिश्चंद्र मालू गवस, प्रो.हरेकृष्ण अगस्ती
233-236
Sanskrit
78 आधुनिकसंस्कृतसाहित्यस्य विकासपरम्परायां रामाशीषपाण्डेयस्य अवदानं निरीक्षणम्
मधुमिता दासः
229-232
Sanskrit
79 वैयाकरणसिद्धान्तकौमुद्याः स्त्रीप्रत्ययान्तानां नवीनोदाहरणानि
सुभाष-वैद्यः
222-225
Sanskrit
80 पाणिनीये ‘आख्यातोपयोगे’ इति सूत्रस्य पदार्थविमर्शः
कौशिक-प्रधानः
218-221
Sanskrit
81 सिद्धसिद्धान्तपद्धतौ सद्गुरुतत्त्वं तथा अवधूतयोगिलक्षणम्
पुलक-दासः
208-212
Sanskrit
82 विशिष्टाद्वैसिद्धान्तपरिचयः ब्रह्मसूत्रप्रमेश्च
आर् यश्वन्त श्रीशायि दीक्षितः
204-207
Sanskrit
83 पाणिनीयव्याकरणे परिभाषासूत्रस्य प्राशस्त्यम्
Dr. Dilip Kumar Das
201-203
Sanskrit
84 जीवानन्दनम् नाटक में मानवीय मूल्य
आकांक्षा द्विवेदी
197-200
Sanskrit
85 वर्तमानकाले मानवाणां दुःखनिवारणे सांख्यदर्शनस्य प्रासङ्गिकता
Debarati Datta
193-196
Sanskrit
86 आचार्यहेमचन्द्रस्य ध्यानयोगस्य सिद्धान्तपरकसंरचना प्रासंगिकता च
दीपक कुमार
190-192
Sanskrit
87 असिद्धं बहिरङ्गमन्तरङ्गे इति परिभाषयाः विश्लेषणं
डॉ० आभा जैन
185-186
Sanskrit
88 आचार्यबनमालीबिश्वालविरचितकाव्येषु नारीस्वरूपविमर्शः
स्नेहाञ्जलि साहु
181-184
Sanskrit
89 योग एवं मनोविज्ञान के अंतसंबंधः (मानव स्वास्थ्य के विशेष संदर्भ में)
अभिषेक कुमार, प्रो.जवाहर लाल
177-180
Sanskrit
90 वास्तुशास्त्रे पञ्चमहाभूत-प्राकृतिकशक्तिनां विमर्श:
Ruchika Upadhyay, Dr. Yogendra Kumar Sharma
167-171
Sanskrit
91 मीमांसा-वेदान्त-सांख्याभिमत अवयवत्रयवादपरम्पराविमर्शः
सन्तोषी महापात्रः
163-166
Sanskrit
92 अलङ्कारेषु व्याकरणसिद्धान्ता:
सुमन कोइराला
160-162
Sanskrit
93 প্রাচীন ‘মনুসংহিতার’ বর্ণ-ব্যবস্থা বনাম বর্তমান সমাজে দলিত সম্প্রদায়
Aditi Mandal
157-159
Sanskrit
94 भारतीयदर्शनेषव्यक्तित्वविकासोपायाः
डां. नरेन्द्र कुमारः
152-156
Sanskrit
95 ‘त्रिगुणात्मकान्तःकरणवृत्तेः विचारः’ (Study of Triguṇa natured Antaḥkaraṇa according to Vedānta philosophy)
विजयलक्ष्मी अम्माल्
150-151
Sanskrit
96 वैज्ञानिकमते सृष्ट्युत्पत्तौ कालाकाशयोर्भूमिका
Dr. Lipi Patra
145-149
Sanskrit
97 अर्वाचीन एवं प्राचीन वेद भाष्यकारों का समीक्षात्मक अध्ययन
अवधेश सिंह
141-144
Sanskrit
98 अद्वैतवेदान्ते अविद्या – अध्यास – जीवन्मुक्तितत्त्वानां तात्त्विकमीमांसा (A Research Study on Avidyā, Adhyāsa and Jīvanmukti in Advaita Vedānta)
कल्याणी पाण्डा
137-140
Sanskrit
99 शून्ये मेघगानमिति काव्यग्रन्थे उपमानां नव्यता
डॉ सङ्गीता मण्डल
117-119
Sanskrit
100 राष्ट्रभृत् होम: एक अध्ययन।
शुभमकुमारपाण्डेय
113-116
Sanskrit
101 द्वैतदर्शने प्रामाणिकप्रतियोगिकत्वं मुनित्रयसम्मतम्
कृष्णाचार्य पुरोहितः
108-112
Sanskrit
102 लघुत्रय्यां बृहत्त्रय्यां गुणपरिमानविचारसमीक्षणम्
Sanchita Chakraborty
105-107
Sanskrit
103 प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा में नारी महिमा
मनोज कुमार शुक्ल, तरुण कुमार शर्मा
97-100
Sanskrit
104 भारतविजयनाटके धर्मशास्त्रीयमूल्यम्
अक्षयकुमाररायः
89-91
Sanskrit
105 जनजातीयानामुत्थाने आदिवासिमहापुरुषस्य श्रीरामेश्‍वरस्‍य शैक्षिकमाध्‍यात्मिकयोगदानम्
कुमारी शीतला, डॉ.जि.नरसिम्हुलु
84-88
Sanskrit
106 विदग्धमाधवम् नाटकस्य काव्यशास्त्रीयमध्ययनम्
सुनन्दा दे
77-83
Sanskrit
107 विवाहविधिः
Dr. Markanda Nayak
68-70
Sanskrit
108 काण्वशतपथब्राह्मणे निरूपितस्य अग्न्याधेयस्य कालवैविध्यपरिशीलनम्
एच वी अमरनाथ
64-67
Sanskrit
109 ‘अथातो ब्रह्मजिज्ञासा’ : ब्रह्मसूत्र का दार्शनिक आधार
डॉ० दीपक कुमार पाठक
55-59
Sanskrit
110 भारतीय ज्ञान परम्परा में भूगर्भ विज्ञान
डॉ प्रभात नारायण पाण्डेय
52-54
Sanskrit
111 अदर्शनं लोप: महाभाष्यदृष्ट्या तत्त्वमीमांसा
Dr. Santosh Majhi
50-51
Sanskrit
112 वैदिककालीन अर्चना-परम्परा एवं वास्तु-विज्ञान
डॉ. पुष्पेन्द्र जोशी
46-49
Sanskrit
113 ‘कविवररामलखनपाण्डेयस्य कृतीनां परिचयात्मकं विवेचनम्’
हरिश्चन्द्रः, प्रो.सनन्दनकुमारत्रिपाठी
40-45
Sanskrit
114 मृच्छकटिकाधारेण आदर्शः चरित्रं चारुदत्तः
डॉ. हेमन्तकुमार नेपाल
35-39
Sanskrit
115 देवीपुराणे योगसम्मतेश्वरतत्त्वविमर्शः
Snigdha Poddar
32-34
Sanskrit
116 शुक्लयजुर्वेदे स्वरभक्तिः
आराध्युल रमेशः
17-19
Sanskrit
117 “पत्युर्नो यज्ञसंयोगे” इति सूत्रे निहितः स्त्रीस्थानविमर्शः – सामाजिकभाषाशास्त्रीयं विश्लेषणम्।
Dr. Thahira P.
08-09
Sanskrit
118 विशिष्टाद्वैतसुधाकरो यामुनाचार्यः
डॉ. सीहेच्. नागराजः
399-401
Sanskrit
119 भारतीयज्ञानपरम्पराधारेण व्यक्तित्वनिरूपणम्
सङ्गीता मण्डल
395-398
Sanskrit
120 महाकवि-अवस्थीबच्चूलालप्रणीते अगतिकगतिकमित्यस्मिन् खण्डकाव्ये सामाजिकचिन्तनम्
Dr. Jagadish Naskar, Dr. Subham Mukhopadhyay
390-394
Sanskrit
121 ज्ञानगतप्रत्यक्षत्वप्रयोजकविचारः
लोकनाथ पण्डा
384-389
Sanskrit
122 विप्रतिषेधसूत्रस्थपरिभाषाद्वयविषये वैद्यनाथमतविमर्शः
ए. आर्पितावर्षिणी
379-383
Sanskrit
123 आधुनिकसमाजे श्रीमद्भगवद्गीतायाः द्वादशोऽध्यायोक्तनिर्देशन-परामर्शतत्त्वानां प्रासङ्गिकता
Sanjib Kumar Manna
372-378
Sanskrit
124 आनन्दमयाधिकरणे शाङ्करस्वामिनारायणभाष्ययोः दार्शनिकतुलनात्मकमीमांसा
श्री गगनदीपः
368-371
Sanskrit
125 पाणिनीयव्याकरणे रणनीतिकप्रबन्धनस्य स्वरूपविश्लेषणम् (An Analysis of the Intrinsic Nature of Strategic Management in Pāṇinian Grammar)
Gopal Krushna Dash , Sr. Prof. Anupama Prusty
363-367
Sanskrit
126 मन्त्रमौलिकार्थप्रकाशकं शब्दशास्त्रम्
Shrutishikha Sahoo, Sr. Prof. Anupama Prusty
357-362
Sanskrit
127 संस्कृतकाव्यशास्त्राणां वा अलङ्कारशास्त्रस्य गतिः प्रवृत्तिश्च
डा. सुजितमिश्र:
352-356
Sanskrit
128 साम्प्रतिकसमाजपरिप्रेक्ष्ये प्राचीनस्त्रीधर्मस्य स्वातन्त्र्यस्य च एकमध्ययनम्
डॉ.पवित्रकुमारनन्दः
349-351
Sanskrit
129 अष्टमाध्यायनिरूपणम् पार्वणहोमविचारश्च
Dr. C. Hariharan
345-348
Sanskrit
130 पाणिनीयव्याकरणे कर्तृस्वरूपविमर्शः
डा. हेमन्त कुमार मुदुलिः
343-344
Sanskrit
131 प्राप्तप्रातिशाख्यग्रञ्चानां परिचयः
अशोककुमारषडङ्गी , डॉ. पूर्णचन्द्रपाधि
337-339
Sanskrit
132 श्रीमद्भागवते नवधाभक्तिः
डाँ. मिथुनकुमारशतपथी
334-336
Sanskrit
133 सिंहलविजयनाटके नाटकलक्षणसमन्वयः
दीप्तिरेखा मिश्र
326-328
Sanskrit
134 अथर्ववेदे विविधकर्माणि
Dr. Balabhadra Upadhyaya
323-325
Sanskrit
135 मातृभूमिचरितमहाकाव्ये वर्णविन्यासवक्रता
द्वितीकृष्ण पाणिग्राही
320-322
Sanskrit
136 पाद्मसंहितानुसारं दशावतारमूर्तिकल्पनम्
यस् . गोपालकृष्णः
313-315
Sanskrit
137 संसारोच्छेदो मुक्तिः
मामिना साहुः
308-312
Sanskrit
138 वेदान्तशास्त्रे ब्रह्मस्वरूपम् एकम् अध्ययनम्
मधुमिता गुच्छाइत्
300-305
Sanskrit
139 वराहपुराणे वर्णितं व्रताः उत्सवाश्च : भारतीयलोकसंस्कृतिः सन्दर्भे
रणजित् बाग्दी, डॉ. हरीशदासः
297-299
Sanskrit
140 रुचिकराणि भोज्यपदार्थानि
Dr. T. Venkateswarlu
293-296
Sanskrit
141 उपनिषत्सु मुख्यब्रह्मोपसनाविचारविमर्शः
Dr. Santu Kumar Pan
288-292
Sanskrit
142 उपनिषद्वाङ्मये राष्ट्रस्य महत्त्वम्
Dr. M. Dattatraya Sharma
285-287
Sanskrit
143 दूतकाव्यपरम्परायां जीमूतदूतम्
दुर्गाशङ्करपण्डा
282-284
Sanskrit
144 उपनिषदां दार्शनिकमहत्त्वम् (उपनिषदां स्वरूपम्, विषयः, संख्या, दर्शनम् च)
N.Aravindhan
279-281
Sanskrit
145 कालिदासरूपकेषु प्रेमिक-प्रेमिकयोः चरितविमर्शः
गौराङ्ग साउ
272-278
Sanskrit
146 योगदर्शने आध्यात्मिक भक्तियोगाश्च
डा. सुप्रिया वेरा
263-266
Sanskrit
147 विशिष्टाद्वैतवेदान्तानुसारं गीतायामात्मतत्त्वविचारः
Dr. Markanda Nayak
259-262
Sanskrit
148 वैदिक कालीन भारत में गणतंत्र व्यवस्था के तत्व : एक ऐतिहासिक-दार्शनिक अनुशीलन
डॉ० दीपक कुमार पाठक
251-254
Sanskrit
149 रामायणे वर्णिता पाककला
सन्दीपन रायः
247-250
Sanskrit
150 “भाषाशिक्षणे सूचनासंचारप्रौद्योगिक्यनुप्रयोगे समस्याः समाधानञ्च”
मनोज कुमार पांडेयः, डाँ. शिवदत्त आर्यः
224-229
Sanskrit