“काव्यप्रकाशद्वितीयोल्लासस्थित – वाच्य-लक्ष्य-व्यङ्ग्यार्थानां उदाहरणश्लोकार्थ निरूपणम्” Post navigation नूतन शिक्षाप्रविधीनां न्यायवैशेषिकशास्त्रयोः शिक्षणे अनुपालनम्‘‘ राजस्थान के आधुनिक संस्कृत महाकाव्यों की प्रवृत्तियाँ ” (17वीं से 20वीं शताब्दी तक)