‘‘ राजस्थान के आधुनिक संस्कृत महाकाव्यों की प्रवृत्तियाँ ” (17वीं से 20वीं शताब्दी तक) Post navigation “काव्यप्रकाशद्वितीयोल्लासस्थित – वाच्य-लक्ष्य-व्यङ्ग्यार्थानां उदाहरणश्लोकार्थ निरूपणम्”विद्यासागर नौटियाल के उपन्यास ‘मेरा जामक वापस दो’ में राष्ट्र विकास का चिंतन