अथर्ववेदे सामाजिकश्रेयस्साधनानि Post navigation वराहमिहिर एवं भास्कराचार्य की साहित्यिक रचनात्मकताभारतीय ज्ञान-परम्परा में वृक्षायुर्वेद :शास्त्रीय आधार, सिद्धान्त एवं समकालीन प्रासंगिकता का अनुशीलन