रत्नपालचरितेअलङ्काराणां प्रयोगः Post navigation परमहंस शुकदेव और श्रीमद्भागवत का तात्विक स्वरुपअद्वैत वेदान्त में मोक्ष की अवधारणा – एक शास्त्रीय एवं दार्शनिक अध्ययन