भट्टलोलट्ट–भट्टनायक–शंकुक–अभिनवगुप्त : रससिद्धान्तस्य सौंदर्यशास्त्रीयम् अनुशीलनम् Post navigation गीतांजलि श्री एवं नीलाक्षी सिंह की रचनाओं में शिल्प, भाषा और शैली का तुलनात्मक अध्ययनप्राण चिकित्सा के माध्यम से मानसिक एवं शारीरिक आरोग्यता