योग दर्शन में ‘चित्तवृत्ति निरोध’ की प्रासंगिकता : एक दार्शनिक अनुशीलन Post navigation श्रीपाञ्चरात्रागमे वाहनक्रमःश्रीरामानुजविश्वनाथपादयोः जीवतत्वविचारः