कालीपद तर्काचार्य की वाग्वैदग्ध्यपूर्ण स्वारस्वत साधना पर न्याय और वैशेषिक दर्शन का प्रभाव। Post navigation संस्कृतवाङ्गमये मानवाधिकारचिन्तनम्आधुनिक काल में महिलाओं की बदलती स्थिति : “पचपन खंभे लाल दीवारें” के संदर्भ में