| S. No. | Manuscript Title & Author | Page No. | Read Article | Language |
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| 1 | भारतीयज्ञानपरम्परादृष्ट्या संगणकसहकृतशिक्षणमाध्यमेन संस्कृतव्याकरणशिक्षणनम् शुभ चौनी |
01-03 | Sanskrit |
| 2 | बुद्धचरितसौन्दरनन्दयोः राष्ट्रचिन्तनम् मधुपर्णीदाशः |
04-06 | Sanskrit |
| 3 | संस्कृतसाहित्ये अमात्यस्य वैशिष्ट्यम् सूरजचौबे |
07-10 | Sanskrit |
| 4 | देवीभागवते सम्वर्णितानां आध्यात्मिकशैक्षिकतत्त्वानां प्रासंगिकता सोमेश कुमार |
11-14 | Sanskrit |
| 5 | आधुनिकयुगे विद्यार्थिनां शैक्षिकोपलब्धौ स्मृतौ च योगाभ्यासस्य योगदानम् Mukesh Biswas |
15-18 | Sanskrit |
| 6 | भर्तृहरिमते कालः प्रवेशकुमारः, डा. विनिताशर्मा |
19-23 | Sanskrit |
| 7 | शिक्षा और मानवाधिकार का संबंध : एक विश्लेषण स्फूर्ति त्रिपाठी , प्रो. रचना वर्मा मोहन |
24-28 | Hindi |
| 8 | चित्रनैषधकाव्ये मूलकथा तोलनम् Madhu Sudan Saha |
29-31 | Sanskrit |
| 9 | A Study of Major Literary Movements in Indian English Literature: Pre- and Post-Independence Perspectives Tasmiya N Mulla |
32-33 | English |
| 10 | महाकवि श्रीहर्ष के नैषधीयचरित में न्याय एवं वैशेषिक दर्शन का प्रभाव : चयनित श्लोकों के आलोक में Bishwaketu Barman |
34-37 | Sanskrit |
| 11 | देवीदानवीयकाव्ये रसध्वनिविवेकः Madhu Sudan Saha |
38-40 | Sanskrit |
| 12 | अर्थशास्त्रे गुप्तचर व्यवस्था-एकं समीक्षात्मकमध्ययनम् Dr. Manoja Tripathy |
41-44 | Sanskrit |
| 13 | हिन्दी साहित्य में महिला लेखिकाओं का संक्षिप्त अवलोकन डॉ. सुस्मिता कोरोथ एडवना |
45-50 | Hindi |
| 14 | श्रीरामस्वामिपण्डितकृतराजतरलव्याख्यायां नाडीतत्त्वविचारः Sarathi Barman |
51-55 | Sanskrit |
| 15 | इन्द्रियमनादितत्त्वेभ्यः आत्मनः परत्वनिरुपणम् Pabitra Barman |
56-58 | Sanskrit |
| 16 | श्रीमद्रामायणानुसारेण भारतीयज्ञानपरम्परायाम् अयोध्यायाः संस्कृतिः चन्द्रप्रकाशपाण्डेयः |
59-61 | Sanskrit |
| 17 | आधुनिकसंस्कृतसाहित्येतिहासे डा. निऱञ्जनमिश्रस्य योगदानम् Alpana Paul |
62-64 | Sanskrit |
| 18 | भारतीय ज्ञान परंपरा में स्वर विज्ञान प्रो. शीतला प्रसाद शुक्ल |
65-67 | Hindi |
| 19 | कालीपदतर्काचार्यविरचितमन्दाक्रान्तावृत्तखण्डकाव्ये गुणसन्निवेशनविधिः मनामी वैराग्य |
68-70 | Sanskrit |
| 20 | डाँ.बुद्धेश्वरषडङ्गीविरचितस्य शतकत्रयस्य छन्दसां विवेचनम् नम्रतादोरा |
71-73 | Sanskrit |
| 21 | शिक्षकव्यक्तित्वविकासे योगस्य भूमिका Soumen Bhattacharyya |
74-76 | Sanskrit |
| 22 | ज्योतिषशास्त्रदृष्ट्या मानवस्य आरोग्य विचारः रागिपाटि श्रीकान्त् भाषा |
77-79 | Sanskrit |
| 23 | प्रथमभास्करप्रणीत-महाभास्करीयस्य वैशिष्ट्यम् डि.जयेन्द्र वीर सरस्वति |
80-81 | Sanskrit |
| 24 | आध्यात्मिकोन्नत्यै स्वास्थ्यसंरक्षणाय च योगायुर्वेदयोः उपादेयता (The Relevance and Utility of Yoga and Ayurveda for Spiritual Advancement and Health Preservation.) Rahul Sharma |
82-86 | Sanskrit |
| 25 | प्रसिद्धचम्पूकाव्येषु मङ्गलाचरणवैशिष्ट्यम् प्रणव माइतिः |
87-89 | Sanskrit |
| 26 | छात्राणां कतिपयस्वास्थ्यसमस्या ज्योतिषशास्त्रदृष्ट्या नैदानिकोपायाश्च गुरुनारायण नरसिंह भट्टः |
90-91 | Sanskrit |
| 27 | Nirmala Sampradāya’s Contribution to Sanskrit Literature: A Study Dr. Pushpinder Joshi, Dr. Oman Deep Sharma |
92-96 | English |
| 28 | वैदिक साहित्य में गौ-तत्त्व और गव्यों की उपादेयता डॉ.उपेन्द्र कुमार चौधरी |
97-100 | Sanskrit |
| 29 | संस्कृत साहित्य में गांधी-चिंतन की भविष्य-दृष्टि: सत्य, अहिंसा, सर्वोदय, सामाजिक न्याय एवं पर्यावरणीय चेतना का आलोचनात्मक अध्ययन चंद्रपाल लोधी , डॉ. शशि कुमार सिंह |
101-106 | Hindi |
| 30 | महाभारतस्य आदिपर्वणि निर्देशनविषयकांशानाम् अध्ययनम् श्री डि. श्रीनिवासरावः |
107-108 | Sanskrit |
| 31 | माध्यमिकस्तरीयविद्यार्थिनां संज्ञानात्मकमूल्याङ्कनस्य अध्ययनम् Ujjal Saha , Prof. Minakshi Mishra |
109-111 | Sanskrit |
| 32 | “दीवार में एक खिड़की रहती थी” में यथार्थ और कल्पना का सौंदर्यबोध (विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास के विशेष संदर्भ में) कृष्णा राम चौहान, डॉ. कुसुमलता प्रजापति |
112-117 | Hindi |
| 33 | तर्कशास्त्रे तर्कसंग्रहस्य वैशिष्ट्यम् N. Sricharan |
118-121 | Sanskrit |
| 34 | साहित्यसारग्रन्थानुसारं रसविवेचनम् अमितकुमारशुक्लः |
122-124 | Sanskrit |
| 35 | आधुनिक प्रमुख संस्कृत महिला नाटककारों का अवदान निलिमा पाण्डेय |
125-127 | Sanskrit |
| 36 | न्यायदर्शन में लौकिक दृष्टि : एक समालोचनात्मक अध्ययन मनीषा |
128-130 | Hindi |
| 37 | दलित स्त्री सशक्तिकरण का दस्तावेज़ : दोहरा अभिशाप डॉ. सोनिका कौशल |
131-134 | Hindi |
| 38 | Self, Soul, and Cosmos Dr. Krishna Gajendra Panda |
135-141 | English |
| 39 | ’एक कहानी यह भी’ आत्मकथा में स्त्री की सामाजिक स्थिति डॉ. राय साहब पाल |
142-145 | Hindi |
| 40 | नव्य-न्याय-भाषा-तर्कशास्त्रे ‘सम्बन्धस्य द्विमुखी स्थितिः-अनुयोगिनः प्रतियोगिनश्च तात्त्विकं संरचनात्मकञ्च विश्लेषणम् Manoj Dutt |
146-148 | Sanskrit |
| 41 | मार्कण्डेयपुराणे कालनिरूपणम् श्रीमती कृष्णप्रिया हातिः |
149-151 | Sanskrit |
| 42 | Beauty, Time, and Amṛtatva Dr. Krishna Gajendra Panda |
152-156 | English |
| 43 | वैतानश्रौतसूत्रे चातुर्मास्ययागानुष्ठानविधेः अध्ययनम् विष्णु पारीक |
157-158 | Sanskrit |
| 44 | Sāvitrī’s Dialogue with Death: Paradigmatic Moral Courage and Feminine Strength in the Mahābhārata Dr. Geetesh Nirban |
159-163 | English |
| 45 | भक्तिप्रपत्त्योः प्राशस्त्यप्रतिपादनपूर्वकं वेदान्तदेशिकप्रणीत-न्यासदशकस्तोत्रग्रन्थस्य परिचयः आनन्दमोहन सिंहः |
164-167 | Sanskrit |
| 46 | “इतिहासकाव्यपरम्परायां शिक्षाशास्त्रेषु च सङ्गीतस्य भूमिका” Arya.N.Unni |
168-169 | Sanskrit |
| 47 | ललितलवङ्गलतायामङ्गिरसत्वेन भक्तिरसपरिशीलनम् सिलिस्वप्नासाहुः |
170-172 | Sanskrit |
| 48 | श्रीदुर्गासप्तशत्याः प्रथमचरित्रस्य दार्शनिको विमर्शः(A Philosophical Enquiry into the First Carita of the Śrī Durgā-Saptaśatī) Sundram Mishra, Dr.Naresh Kumar Bairwa |
173-178 | Sanskrit |
