| S. No. | Manuscript Title & Author | Page No. | Read Article | Language |
|---|
| 1 | A Study of Consciousness in Indian Knowledge System and Yoga Darshana Dr. Krishna v. Joshi |
01-05 | English |
| 2 | भारतीयवास्तुशास्त्रे गृहनिर्माणस्य अवधेयांशाः डा राघवेन्द्रः |
06-10 | Sanskrit |
| 3 | प्रबोधमिश्रविरचिते प्रज्ञादूते जगत्स्वरूपविमर्शः Snigdha Swarupa Barik |
11-15 | Sanskrit |
| 4 | वैदिक साहित्य मे काल का निरूपण जय प्रकाश पाण्डेय |
16-19 | Hindi |
| 5 | वास्तुशास्त्रपरम्परायां राजप्रासादानां प्रमुखशैली राहुलदे |
20-23 | Sanskrit |
| 6 | अतिप्राकृत तत्त्व और महावीरचरितम् डॉ० (श्रीमती) गुञ्जन शर्मा |
24-27 | Hindi |
| 7 | सत्कार्यवाद से ज्ञानमीमांसक यथार्थवाद तक : सांख्य दर्शन के ज्ञान के तात्त्विक मूल आदित्य, डॉ. चन्दन कुमार झा |
28-30 | Hindi |
| 8 | विश्व में पत्रकारिता का उदय एवं भारत में पत्रकारिता का प्रारम्भ रीना पन्त, डॉ. शोभा त्रिपाठी |
31-34 | Hindi |
| 9 | विद्यारम्भसंस्कारस्य कालशास्त्रदृष्ट्या मुहूर्तनिरूपणम्॥ गुरुप्रसाद श्रीधर हेगडे |
35-36 | Sanskrit |
| 10 | गढ़वाल के लोकसाहित्य में लोककथाओं, लोकगाथाओं व लोकगीतों का लोकजन पर प्रभाव संजय कुमार, डॉ. गरिमा डिमरी |
37-42 | Hindi |
| 11 | एनसीईआरटी 83 मूल्य विश्लेषण कक्षा सात की संस्कृत पुस्तक “रुचिरा” कृष्णा |
43-48 | Hindi |
| 12 | মহাভারত ও নারী মল্লিকা সেন |
49-53 | Sanskrit |
| 13 | ग्रन्थान्तरतुलनया कुमारसम्भवीयः प्रतिनायकपरिचयः Dr. C. Hariharan |
54-57 | Sanskrit |
| 14 | “दुहादिद्विकर्मकधातूनां धात्वर्थसन्दर्भे दीक्षितनागेशयोर्वैमत्यम्” दीपककुमारचौधरी |
58-61 | Sanskrit |
| 15 | काव्यभेदा: डाँ. मिथुनकुमारशतपथी |
62-63 | Sanskrit |
| 16 | स्मार्तधर्मपरम्परायाम् आह्निककृत्यानि डॉ. शकुन्तलादाशः |
64-69 | Sanskrit |
| 17 | सांख्य योग दर्शन में चरित्र निर्माण की अवधारणा नीशूदेवी, प्रोफेसर प्रदीप कुमार दीक्षित |
70-74 | Hindi |
| 18 | नागेशानुसारं हलन्त्यमिति सूत्रपरिप्रेक्ष्येऽन्योन्याश्रयदोषविमर्शः शुभ्रजित्पालः |
75-81 | Sanskrit |
| 19 | भारतीयज्ञानपरम्परानुसारेण श्रीमद्भागवद्गीतायाः तत्त्वविमर्शः। “A Philosophical Inquiry into the Bhagavad Gita in Accordance with the Indian Knowledge Tradition” Dr. Abhijit Nandi |
82-86 | Sanskrit |
