| S. No. | Manuscript Title & Author | Page No. | Read Article | Language |
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| 1 | “काव्यप्रकाशद्वितीयोल्लासस्थित – वाच्य-लक्ष्य-व्यङ्ग्यार्थानां उदाहरणश्लोकार्थ निरूपणम्” V. Sarveswararao, Dr.Sujatha Ragavan |
01-03 | Sanskrit |
| 2 | ‘‘ राजस्थान के आधुनिक संस्कृत महाकाव्यों की प्रवृत्तियाँ ” (17वीं से 20वीं शताब्दी तक) चेतन पुरी, डॉ. अंजना शर्मा |
04-08 | Hindi |
| 3 | विद्यासागर नौटियाल के उपन्यास ‘मेरा जामक वापस दो’ में राष्ट्र विकास का चिंतन करूणा गायकवाड़ , डॉ.जयपाल सिंह प्रजापति |
09-11 | Hindi |
| 4 | Upanishadic Influence on Educational Thoughts of Sri Aurobindo Ghosh with reference to Brahmacharya on Education Dr. Kartik Pandya |
12-15 | English |
| 5 | संस्कृतच्छात्राणां आत्मविकासे पतञ्जलियोगदर्शनस्य प्रभावः Ninuaa Ram |
16-18 | Sanskrit |
| 6 | प्राचीनभारते प्रोद्योगिकी शिक्षा डॉ. हृषिकेशसाहुः |
19-21 | Sanskrit |
| 7 | शाब्दिकदृष्ट्या जगद्व्यवहारे शब्दब्रह्म सौरभ राउतः |
22-25 | Sanskrit |
| 8 | ऋग्वर्णक्रमलक्षणे वर्णक्रमविचक्षणः। डॉ. भारती बालटे |
26-28 | Sanskrit |
| 9 | महाभाष्य पर टीकाकारों का योगदानः एक विश्लेषणात्मक अध्ययन नीरज फोन्दणी |
29-30 | Hindi |
| 10 | कबीर : अनुभव की भाषा और समाज के सत्य का दर्पण दुर्गेश कुमार टंडन, डॉ.जयपाल सिंह प्रजापति |
31-34 | Hindi |
| 11 | कर्नाटक के महत्वपूर्ण लोक वाद्ययंत्र डॉ. सैयद मुईन |
35-38 | Hindi |
| 12 | Śrī Vedānta Deśika And Śrīmad Appayya Dīkṣita: A Competitive Study Of The Dhārmic Legacy Dr.S.Thirumalai |
39-41 | English |
| 13 | शरीरलक्षणम् डा. ए . टि. बद्रि |
42-44 | Sanskrit |
| 14 | काश्यपसंहितानुसारं बालविकासः सागरिकासरकारः |
45-47 | Sanskrit |
| 15 | चन्द्रिकायां भोक्त्रधिकरणम् डा.एल्. सुधीन्द्राचार्यः |
48-50 | Sanskrit |
| 16 | कविकर्णरसायनकाव्ये रीतयः गुणाश्च Eslavath Saritha |
51-53 | Sanskrit |
| 17 | शैवमतं तस्य च पाशुपतसम्प्रदायः चञ्चल |
54-57 | Sanskrit |
| 18 | वेदान्तपरम्परायां अचिन्त्यभेदाभेदवादे गोविन्दभाष्यस्य महत्वम् Dr. Apurba Gorai |
58-60 | Sanskrit |
| 19 | अच्युतशतके विशिष्टाद्वैतवेदान्ततत्त्वानां समीक्षणम् स. वासुदेवः, डॉ. सुजाताराघवन् |
61-64 | Sanskrit |
| 20 | दिक्परिज्ञानप्रकारविमर्शः Krishnananda B.M. |
65-67 | Sanskrit |
| 21 | पुराणेषु व्रतपर्वोत्सवादीनां माहात्म्यानुशीलनम् डॉ.कृष्णचन्द्रकविः |
68-70 | Sanskrit |
| 22 | Bhaskara Acharya: The Forgotten Genius Who Pioneered Modern Mathematics and Astronomy Yennam Shivakumar |
71-73 | English |
| 23 | न्यायवैशोषिक दर्शने सृष्टितत्त्वम् तन्मय सरकारः |
74-76 | Sanskrit |
| 24 | उषा प्रियवंदा के कथा साहित्य में जीवन मूल्य का अध्ययन सोनिका कुमारी, डॉ. दीपिका जैन |
77-80 | Hindi |
| 25 | he Svastika in Global Symbolism: A Comparative Cultural Analysis Dr. Bhavana Balte. |
81-84 | English |
| 26 | सप्रयोजनं व्याकरणाध्ययनम् श्री चन्द्रमौलि कल्याणः |
85-87 | Sanskrit |
| 27 | “वर्तमानसन्दर्भे साहित्यस्य प्रासङ्गिकता” डॉ बुद्धिबल्लभदेवराड़ी |
88-89 | Sanskrit |
| 28 | साम्प्रतिके अथर्ववेदीयचिकित्सापद्धतिनाम् उपादेयता मोहन लाल वर्मा |
90-92 | Sanskrit |
| 29 | मैत्रेयी पुष्पा के उपन्यासों में स्त्री संघर्ष फरीदा उक्कली, प्रो.श्रीमती राजू. बागलकोट |
93-95 | Hindi |
| 30 | वेदेषु राष्ट्रियभावना Subhasmita Nayak |
96-99 | Sanskrit |
| 31 | दुर्गा सप्तशती : एक शोधपरक अध्ययन डॉ.अमित कुमार पाण्डेय |
100-103 | Hindi |
| 32 | ब्रह्मसूत्र उपनिबद्धस्य जन्माद्यधिकरणस्य समीक्षणम् रामचन्द्रोऽर्यालः |
104-106 | Sanskrit |
| 33 | संस्कृत हा ज्ञानाचा स्रोत आहे Mrs Hemlata Dhokte ( Kshirsagar) |
107-108 | Sanskrit |
| 34 | भामत्यनुसारं मरुमरीचिग्रन्थभागमाश्रित्य अध्यासविषयकम् एकं विश्लेषणम् प्रवीणः एम्. सज्जनः |
109-112 | Sanskrit |
| 35 | अधिरामायणं पितृभक्तिः प्रज्ञा दूबे |
113-115 | Sanskrit |
| 36 | भारतीयज्ञानपरम्परानुसारेण संहिता-ग्रन्थोक्त: वृष्टिविचार: डॉ.ख्यालानन्दः |
116-119 | Sanskrit |
| 37 | सिद्धान्तशिरोमणिग्रन्थानुसारेण ग्रहणे स्पर्शादीनां पञ्चानामवयवानां साधनम् गिरीशभट्टः बि, दिवाकरशर्मा |
120-125 | Sanskrit |
| 38 | A study of social life and institutions reflected in the Nāṭyaśāstra Prabhakar Karmakar |
126-129 | English |
| 39 | व्याप्तिपञ्चकम् Srikanth K |
130-132 | Sanskrit |
| 40 | वैदिकसाहित्ये अष्टविधविवाहविमर्शः अनुज कुमारः |
133-135 | Sanskrit |
| 41 | दूरस्थशिक्षाकार्यक्रमः (Distance Education programme) Dr.Venkatrao Jagarlamudi |
136-139 | Sanskrit |
| 42 | आधुनिक समाज में हिंसा की समस्या और समाधान : गांधी एवं अष्टांग योग की अहिंसात्मक दृष्टि बृज बिलास राय , डा. यशपाल सिंह |
140-141 | Hindi |
| 43 | स्मृति से सृजन तक: ममता कालिया के संस्मरणों में रचना- प्रक्रिया का आत्मकथ्य डॉ. प्रभात शर्मा |
142-145 | Hindi |
| 44 | काव्यस्याक्षरिकार्थस्य विश्लेषणात्मकमध्ययनम् डॉ. रमेशमालाकारः |
146-149 | Sanskrit |
| 45 | Medical Astrology: A Study With Special Reference To Diabetes Dr. Nagarajan V |
150-153 | English |
| 46 | कादम्बिनी ग्रंथानुसार उल्काविचार का समीक्षात्मक अध्ययन डा.रतीश कुमार झा |
154-156 | Sanskrit |
| 47 | ललितविस्तरसूत्रस्य सांस्कृतिक–ऐतिहासिक-महत्त्वम् सन्दीपकुमारः, डा टी महेन्द्रः |
157-161 | Sanskrit |
| 48 | आचार्यशान्तिभिक्षुशास्त्रिप्रणीतस्य बुद्धविजयकाव्यस्य दार्शनिक-सामाजिक-साहित्यिकादिमूल्याङ्कनम् प्रफुल्लकुमाररावतः, डा. प्रफुल्लगडपालः |
162-166 | Sanskrit |
| 49 | श्रीमथुरानाथशास्त्रिणः प्रायोगिकशैलीनां विवेचनम् राजलक्ष्मी गौड |
167-169 | Sanskrit |
| 50 | हर्षदेवमाधवस्य बुद्धस्यभिक्षापात्रे काव्ये पर्यावरणचिन्तनम् जगदीशनन्दः |
170-172 | Sanskrit |
| 51 | आध्यात्मिकता, योग और मनोचिकित्सका के सन्दर्भ में (महर्षि दयानंद दर्शन का मनोवैज्ञानिक अध्ययन) रजनीश कुमार पाण्डेय, प्रमोद कुमार |
173-175 | Hindi |
| 52 | “भोजराजस्य ‘सरस्वतीकण्ठाभरणे’ सौंदर्यशस्त्रीयं विवेचनम्” डॉ० प्रीति सिरौटीय |
176-179 | Sanskrit |
| 53 | तुलसीराम के मुर्दहिया में विद्यालयीन जीवन का संघर्ष जितेंद्र प्रताप सेन , डॉ. रोशनलाल अहिरवार |
180-184 | Hindi |
| 54 | तनाव प्रबंधन में योग की भूमिका सतेन्द्र |
185-186 | Hindi |
| 55 | सामवेदस्य शाखापरम्परायाः अद्यतनस्थितिः गानपद्धतीनां च समीक्षात्मकमध्ययनम् (A Critical Study on the Current Status of Samavedic Shakha Traditions and Singing Methods) लीलाधर शर्मा, प्रो. हरेकृष्ण अगस्ती |
187-189 | Sanskrit |
| 56 | शैवागमप्रोक्त-सपर्याभेद-परामर्शः Dr. G. Suresh |
190-193 | Sanskrit |
| 57 | Stillness in Snow: A Multidimensional Study of Stopping by Woods on a Snowy Evening by Robert Frost Jayantakumar Panda |
194-197 | English |
| 58 | उपनिषद्ब्रह्मेन्द्रयोगी : जीवनसाधना तथा वेदान्तदर्शनम् श्रीमती मञ्जुलतासाहुः |
198-201 | Sanskrit |
| 59 | पारस्करगृह्यसूत्रे संस्काराः Soubhagya Ranjan Nanda |
202-203 | Sanskrit |
| 60 | मुण्डकोपनिषद् में परा-अपरा विद्या: एक दार्शनिक अध्ययन डॉ० दीपक कुमार पाठक |
204-207 | Sanskrit |
| 61 | “Three Years She Grew in Sun and Shower”: A Romantic Vision of Life, Death, and Nature’s Education Jayantakumar Panda |
208-211 | English |
| 62 | काण्वशतपथब्राह्मणनिरूपिते इष्टिप्रकरणे हविर्द्रव्यसंस्कारस्य परिशीलनम् एच वी अमरनाथ |
212-216 | Sanskrit |
| 63 | औचित्यं रससिद्धस्य स्थिरं काव्यस्य जीवितम् Dr. Markanda Nayak |
217-219 | Sanskrit |
| 64 | व्यक्तित्वसाधने सामाजिक स्वास्थ्यगठने च योगस्य अवदानम् डा. सुप्रिया वेरा |
220-223 | Sanskrit |
| 65 | वेदोऽखिलो धर्ममूलम् (वेद विभागः, विषयः, लक्षणम् च) N.Aravindhan |
224-227 | Sanskrit |
| 66 | कुमारविजयनाटके नाट्यतत्त्वानि मधुमिता दासः |
228-231 | Sanskrit |
| 67 | शङ्कराचार्येण स्थापितमठानां विषये एका संक्षिप्ता आलोचना डॉ. सुमनदासः |
232-233 | Sanskrit |
| 68 | “तीर्थयात्रा तथा पवित्रस्थानानि : वराहपुराणम्-निर्देशानुसारम्” रणजित् बाग्दी , डॉ. हरीशदासः |
234-235 | Sanskrit |
| 69 | महाभारते मुख्ययोः लिङ्गगत-असामान्यवपुर्मानुषयोः सामान्याध्ययनम् Josimuddin Seikh |
236-238 | Sanskrit |
| 70 | मानवजीवने विद्यमानं दुःखं तस्य निवारणोपायाः च Dr. Prabir Dhall |
239-241 | Sanskrit |
| 71 | महाकविकालिदासविरचितमहाकाव्येषु श्रृङ्गाररसनिरूपणम् राजेन्द्र कुमार |
242-245 | Sanskrit |
